Rajasthan Ashok Gehlot Sardarpura Election 2023 Profile: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछली पांच बार से सरदारपुरा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं, वो तीसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं। सरदारपुरा सीट से उनका गहरा नाता है, जब साल 1998 में गहलोत को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया गया था तो उन्होंने पहली बार इसी सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ा था। उन्होंने तबसे इस सीट को छोड़कर कहीं और से चुनाव नहीं लड़ा।
सरदारपुरा सीट पर अशोक गहलोत ने रचा है इतिहास।
सरदारपुरा विधानसभा सीट और अशोक गहलोत का नाता
अशोक गहलोत को 1 दिसंबर 1998 को पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनाया गया था। सरदारपुरा सीट पर उन्होंने उपचुनाव जीतकर वो पहली बार विधायक बने थे। अपने पहले कार्यकाल में गहलोत 8 दिसंबर 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। विधानसभा चुनाव 2003 में भी गहलोत ने इसी सीट से जीत हासिल की, हालांकि इस बार उनके नसीब में सीएम की कुर्सी नहीं थी। वसुंधरा राजे राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। गहलोत ने फिर से सरदारपुरा से चुनाव लड़ा और विधानसभा चुनाव जीता। इसके अलावा वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 13 दिसंबर 2013 तक अपने पांच साल के कार्यकाल को पूरा किया।
अशोक गहलोत ने इस विधानसभा सीट पर रचा इतिहास
साल 2008 का विधनसभा चुनाव बड़ा रोचक था, अशोक गहलोत का सामना इस बार भाजपा के राजेंद्र गहलोत से हुआ, वो इस सीट से दो बार विधायक रहे हैं। अशोक गहलोत ने तीसरी बार इस सीट पर जीत हासिल की और 15 हजार 340 वोटों से भाजपा प्रत्याशी को हराया। इस जीत के साथ ही गहलोत दूसरी बार राजस्थान के सीएम बनें और 13 दिसंबर 2013 तक मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभाली। अशोक गहलोत ने इसके बाद विधानसभा चुनाव 2013 में भाजपा के सम्भू सिंह खेटासर को 18,478 वोटों से पटखनी दी और चौथी बार इस सीट पर कब्जा जमाया। पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में अशोक गहलोत ने इस सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के शंभू सिंह खेतर को 45,597 वोटों से हराया। ये इस सीट पर अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। इस बार के चुनाव में भी अशोक गहलोत इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, ये समझा जा सकता है कि ये सीट उनके लिए कितनी अहम है।
जोधपुर लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रहे अशोक गहलोत
अशोक गहलोत को कांग्रेस के उन दिग्गज नेताओं में गिना जाता है, जो रणनीति के दम पर अपने विरोधियों को मात देने में माहिर हैं। जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से पांच बार सांसद रहे गहलोत इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं। अशोक गहलोत का जन्म 3 मई 1951 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम बाबू लक्ष्मण सिंह गहलोत है और उनकी पत्नी का नाम सुनीता गहलोत है, उनकी एक बेटी और एक बेटा है।
