West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। शनिवार, 11 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के दो सबसे बड़े चेहरे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रैलियों के जरिए चुनावी बिगुल फूंकेंगे। जहां PM Modi उत्तर और मध्य बंगाल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, वहीं Amit Shah जंगलमहल के इलाकों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कमान संभालेंगे।
आज प्रधानमंत्री और अमित शाह की तीन-तीन रैलियां
पीएम मोदी का तीन जिलों में मिशन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पश्चिम बंगाल के तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनके कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व बर्धमान जिले के कटवा से होगी, जिसके बाद वे मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर और फिर दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी पहुंचेंगे। चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के एलान के बाद पीएम मोदी का यह तीसरा राज्य दौरा है।
अपनी रैलियों में पीएम मोदी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखे हमले कर रहे हैं। इससे पहले की सभाओं में उन्होंने राज्य की "औद्योगिक गिरावट" और "घुसपैठ" को मुख्य मुद्दा बनाया था। प्रधानमंत्री ने जनता के सामने 'छह सूत्री गारंटी' पेश की है, जिसे वे ममता सरकार के 'पापों' का एकमात्र विकल्प बता रहे हैं।
अमित शाह का जंगलमहल दौरा
गृह मंत्री अमित शाह भी शनिवार को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में चुनावी माहौल गरमाएंगे। उनका कार्यक्रम सुबह 11 बजे बांकुड़ा जिले के ओंदा से शुरू होगा। इसके बाद वे छातना में दूसरी रैली और दोपहर 2 बजे पुरुलिया के बाघमुंडी में तीसरी जनसभा को संबोधित करेंगे। जंगलमहल के ये जिले भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। गौरतलब है कि अमित शाह ने शुक्रवार को ही भाजपा का 'संकल्प पत्र' जारी किया है, जिसमें उन्होंने घुसपैठ के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति और राज्य में सरकार बनने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा किया है।
संकल्प पत्र के बड़े वादे: महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों पर दांव
भाजपा ने अपने घोषणा पत्र के जरिए मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े वादे किए हैं। जिसमें सत्ता में आने पर प्रत्येक महिला के खाते में 3,000 रुपये प्रति माह और पुलिस सहित सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण। 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करना और बकाया महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान और घुसपैठ पर लगाम और भ्रष्टाचार मुक्त शासन जैसे कई वादे शामिल हैं।
राजनीतिक समीकरण और चुनौती
भाजपा इस बार घुसपैठ, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को चुनावी विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है। मध्य और उत्तर बंगाल में अपनी पैठ गहरी कर भाजपा TMC के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है। पीएम और गृह मंत्री की बैक-टू-बैक रैलियां यह स्पष्ट करती हैं कि भाजपा नेतृत्व बंगाल को अपने सबसे प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र के रूप में देख रहा है।
