BJP के लिए हमेशा मुश्किल रहा है ओल्ड मैसूर, क्या इस बार JD-S, कांग्रेस की निकाल पाएगी काट

  • Authored by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 11, 2023, 11:56 AM IST

Karnataka Assembly Election 2023 : ओल्ड मैसर क्षेत्र में कर्नाटक के दूसरे सबसे बड़े समुदाय वोक्कालिगा का दबदबा है। परंपरागत रूप से इस समुदाय को जे-डीएस का वोट बैंक माना जाता है। इसके बाद इलाके में कांग्रेस का प्रभाव है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस इलाके में कमजोर रही है लेकिन इस बार वह जेडी-एस एवं कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश कर रही है।

Karnataka Assembly Election 2023 : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा चढ़ चुका है। वोट बैंक के समीकरण को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दल अपने फॉर्मूले पर आगे बढ़ कहे हैं। दूसरे के वोट बैंक में सेंध लगाने की पूरी तैयारी है। कर्नाटक के चारों क्षेत्रों बेंगलुरु,ओल्ड मैसूर, बेलगावी और कलबुर्गी में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची है। हालांकि, इन चारों क्षेत्रों में किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि अलग-अलग दलों का दबदबा है। आज हम यहां बात करेंगे ओल्ड मैसूर की। 2018 के विधानसभा चुनाव में ओल्ड मैसूर की 48 सीटों में से JD-S को 25, कांग्रेस को 16 और भाजपा को 5 सीटें मिली थीं।

Karnataka Assembly Election 2023

जेडी-एस का गढ़ है ओल्ड मैसूर।

ओल्ड मैसूर क्षेत्र की सीटें

क्रम संख्याक्षेत्रसीट
1मंड्या 7
2हासन 7
3मैसूर11
4चामराजनगर4
5रामनगर 4
6चिक्काबल्लापुर5
7कोलार6
8बेंगलुरु ग्रामीण4

ओल्ड मैसर क्षेत्र में वोक्कालिगा का दबदबा

ओल्ड मैसर क्षेत्र में कर्नाटक के दूसरे सबसे बड़े समुदाय वोक्कालिगा का दबदबा है। परंपरागत रूप से इस समुदाय को जे-डीएस का वोट बैंक माना जाता है। इसके बाद इलाके में कांग्रेस का प्रभाव है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस इलाके में कमजोर रही है लेकिन इस बार वह जेडी-एस एवं कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश कर रही है। ओल्ड मैसर क्षेत्र में विधानसभा की 48 सीटें आती हैं। मंड्या में 7, हासन में 7 सीट, मैसूर में 11 सीट, चामराजनगर में 4 सीट, रामनगर में 4 सीट, चिक्काबल्लापुर 5 सीट, कोलार में 6 सीट और बेंगलुरु ग्रामीण में 4 सीटें आती हैं। इस इलाके के आठ जिलों में भाजपा के सीटों का आंकड़ा कभी दहाई में नहीं पहुंचा है।

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