West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसदों के साथ बैठक की। इस मौके पर लोकसभा में पार्टी की रणनीति पर की चर्चा की गई। साथ ही पार्टी संसदीय दल का नेता, लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक पर फैसला हुआ। ममता ने खुद इसके बारे में जानकारी साझा की है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को सरकार बनाने की बधाई देने से इनकार कर दिया है।
ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल।
टीएमसी संसदीय दल की नेता चुनी गईं ममता
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'मुझे अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल का अध्यक्ष, पार्टी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को लोकसभा में पार्टी का नेता, डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में उपनेता, कल्याण बनर्जी को मुख्य सचेतक(चीफ व्हिप) चुना गया। राज्यसभा में TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन को पार्टी का नेता चुना गया, सागरिका घोष को उपनेता और नदीमुल हक को मुख्य सचेतक(चीफ व्हिप) चुना गया है।
ममता ने किस बात के लिए मांग ली माफी?
ममता ने कहा कि 'मैं माफी चाहती हूं, लेकिन गैर संवैधानिक, गैर कानूनी पार्टी को सरकार बनाने के लिए मैं शुभकामनाएं नहीं दे सकती हूं। मेरी शुभकामना देश के लिए रहेगी, जो भी सांसद हैं उनसे कहूंगी कि आप अपनी पार्टी को मजबूत बनाए, हम आपकी पार्टी नहीं तोड़ेंगे लेकिन आपकी पार्टी में अंदर से ही टूट होगी, आपके पार्टी में लोग खुश नहीं हैं।'
ममता ने पार्टी के सांसदों को दी बधाई
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसदों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ शनिवार को बैठक की तथा लोकसभा में पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। तृणमूल कांग्रेस नेताओं की यह बैठक शाम साढ़े चार बजे शुरू हुई थी। बैठक की शुरुआत में, ममता ने पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों, विशेष रूप से उन सांसदों को बधाई दी जो पहली बार चुने गए हैं जिनमें युसूफ पठान, रचना बनर्जी, मिताली बाग, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया शामिल हैं।
29 लोकसभा सीट पर TMC ने हासिल की जीत
तृणमूल ने बंगाल में अपना वर्चस्व कायम रखा है और पार्टी ने प्रदेश की 42 में से 29 लोकसभा सीट पर जीत हासिल की है। राज्य में, मुख्य विपक्षी दल भाजपा की सीट संख्या घट कर 12 रह गई, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट पर जीत मिली। बैठक में पार्टी के लोकसभा सदस्यों के अलावा राज्यसभा सदस्य और जिला अध्यक्षों ने हिस्सा लिया।
पार्टी के एक नेता ने इससे पहले बताया था, 'बैठक के दौरान, लोकसभा में पार्टी की भूमिका और रणनीति पर चर्चा की जाएगी। पार्टी यह भी तय कर सकती है कि लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस का नेता कौन होगा।' पिछली लोकसभा में भी 75 वर्षीय तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय संसद के निचले सदन में पार्टी के नेता थे। बंद्योपाध्याय ने लगातार चौथी बार कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।'
