Lok Sabha Chunav 2024: दिल्ली की तीन सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर पशोपेश में कांग्रेस, दावेदारों की लंबी लिस्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 11, 2024, 11:13 AM IST

Delhi Lok Sabha Seats: दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के सामने अजीब स्थिति है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी चुनावों के लिए पहले ही अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। लेकिन सबसे पुरानी पार्टी ने अब तक ऐसा नहीं किया

Congress Dilemma Over Candidates: लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार हिला देने का दावा करने वाली कांग्रेस अभी उम्मीदवारों के संकट से ही जूझ रही है। बात करें दिल्ली की तो यहां आम आदमी पार्टी के साथ भले ही उसका गठबंधन हो गया हो, लेकिन वह अब तक तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। दिल्ली से लेकर यूपी तक अहम सीटों पर न उम्मीदवार तय हुए हैं और न ही प्रचार जोर पकड़ पाया है।

congress Leaders Rahul And Kharge

दिल्ली में उम्मीदवारों के नामों पर कांग्रेस की उलझन

कांग्रेस में खींचतान से उलझन बढ़ी

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के सामने अजीब स्थिति है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी चुनावों के लिए पहले ही अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। लेकिन सबसे पुरानी पार्टी ने अब तक ऐसा नहीं किया है। वजह स्थानीय नेताओं और आलाकमान के बीच आंतरिक खींचतान है। आप के साथ गठबंधन समझौते के तहत पार्टी को ल्ली में तीन सीटें मिली तभी से इन्हें हासिल करने के लिए नेताओं में अफरा-तफरी मच गई। दावेदारों की सूची लंबी हो गई और कई बाहरी उम्मीदवार भी अपना दावा ठोक रहे हैं।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट

इस सीट पर खास तौर पर पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अनिल और इस निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल की दावेदारी है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ की कमान संभालने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और पूर्वांचल की लोक गायिका नेहा सिंह राठौड़ जैसे नाम भी सामने आ रहे हैं। इस क्षेत्र में 2020 में सांप्रदायिक दंगे हुए और इसलिए यहां काफी ध्रुवीकरण हो सकता है। यही वजह है कि कई वरिष्ठ नेता इस सीट को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। 2019 के लोकसभा चुनावों में शीला दीक्षित केवल एक विधानसभा क्षेत्र सीलमपुर में ही बढ़त हासिल कर पाई थी, जो मुस्लिम बहुल है।

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