काउंटिंग शुरू होते ही सामने आया पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान, कह दी ये बड़ी बात

Jammu-Kashmir Elections: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव-2024 में भाजपा और कांग्रेस-एनसी गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने चुनाव में जीत की उम्‍मीद जताई है।

Jammu-Kashmir Elections 2024: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधानसभा चुनाव अच्छे से लड़ा और उम्मीद है कि नतीजे उनके पक्ष में होंगे। शुरुआती रुझानों के अनुसार, वह बडगाम विधानसभा सीट पर आगे चल रहे हैं। उमर ने एक्स पर लिखा कि मैं अपने सभी सहयोगियों और साथियों को आज के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हमने अच्छी लड़ाई लड़ी और अब इंशाअल्लाह, नतीजों में वो दिखेगा।

Omar Abdullah

लड़ाई अच्छे से लड़ी, इंशाअल्लाह नतीजों में दिखेगा सब: उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला बडगाम विधानसभा सीट पर चल रहे आगे

उमर अब्दुल्ला बडगाम विधानसभा सीट पर आगे चल रहे हैं। वह गांदरबल और बडगाम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अली मोहम्मद सागर और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद गनी लोन क्रमशः बडगाम, खानयार और कुपवाड़ा सीटों पर आगे चल रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा 18 सीटों पर, नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस 14 सीटों पर और पीडीपी एक सीट पर आगे चल रही है। जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों की सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है। एनसी, भाजपा, कांग्रेस, पीडीपी, पीसी, अपनी पार्टी, सीपीआई (एम), एआईपी और निर्दलीय उम्मीदवारों के वरिष्ठ नेताओं सहित 873 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा। 20 जिलों में 90 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 9 एसटी और 7 एससी सीटें हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी.के.पोल ने संवाददाताओं को बताया कि 90 विधानसभा सीटों के वोटों की गिनती के लिए जम्मू-कश्मीर में 28 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। सबसे पहले डाक मतों की गिनती की जाएगी। गृह मंत्रालय की सिफारिशों पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पांच और सदस्यों को नामित करेंगे। इन पांच में दो महिलाएं, दो प्रवासी कश्मीरी पंडित होंगे, जिनमें से एक महिला होनी चाहिए और एक पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों का प्रतिनिधि होगा। पुडुचेरी की तरह, इन पांच नामित सदस्यों को सरकार गठन के दौरान मतदान का अधिकार होगा। इस तथ्य को देखते हुए, किसी भी राजनीतिक दल या राजनीतिक दलों के समूह और निर्दलीयों को विधानसभा में साधारण बहुमत का दावा करने के लिए 48 सदस्यों की आवश्यकता होती है।

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