जब कड़े फैसले लेने से हिचके नहीं देश के पहले CEC सुकुमार सेन, 1952 के चुनाव में रख दी EC की मजबूत नींव

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 26, 2024, 12:53 PM IST

Sukumar Sen : सुकुमार सेन सन 1921 में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बने थे। बंगाल के कई जिलों में काम करने के बाद वह पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के पद पर पहुंचे थे जहां से उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर दिल्ली लाया गया।

Sukumar Sen : विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रित देश का चुनाव पर दुनिया भर की नजर रहती है। इतने बड़े देश में एक साथ शांतिपूर्ण एवं सफल चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती रही है लेकिन भारत का निर्वाचन आयोग अपने इस दायित्व को सफलता पूर्वक निभाता आया है। देश में पहला आम चुनाव 1951-52 में हुआ। चुनाव आयोग का ढांचा भी अपने प्रारंभिक चरणों में था लेकिन अपने पहले ही परीक्षा में चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव से सभी को अचंभित कर दिया। इसका श्रेय भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन को जाता है। चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए सेन ने जो आधारशिला रखी, उसमें कुछ बदलावों के साथ ईसी आज भी उसी रास्ते पर बढ़ रहा है।

Sukumar Sen

देश के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे सुकुमार सेन।

प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सेन को जब पहला चुनाव कराने का जिम्मा सौंपा गया तो इस कार्य को उन्होंने एक चुनौती की तरह स्वीकार किया। सेन की टीम में अपने कार्यों के प्रति समर्पित, साहसी और सामर्थ्यवान लोग थे जिन्होंने कठिनाइयों एवं मुश्किलों को अपने लिए अवसर के रूप में देखा। सेन अपने और उनकी टीम ने भारत के पहले लोकसभा चुनाव को सफलता पूर्वक संपन्न कराया।

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