गुजरात चुनाव (Gujarat Election) में बीजेपी (BJP) अपनी 27 साल की बादशाहत को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंके हुए है। पहले चरण के मतदान से पहले और पिछले 20 दिनों में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित आधा दर्जन मुख्यमंत्री और अन्य केंद्रीय नेता लगभग 150 छोटी-बड़ी चुनावी जनसभाएं कर चुके हैं।
गुजरात चुनाव में बीजेपी ने झोंकी पूरी ताकत
अभी बाकी है रण
इनमें तीन दर्जन से अधिक जनसभाएं तो सिर्फ मोदी और शाह ने की हैं। इन दोनों के अलावा बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और जाति व क्षेत्र विशेष से नाता रखने वाले नेता भी राज्य के धुआंधार दौरे पर हैं। चुनावी रणनीति से जुड़े भाजपा के एक नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री आगामी रविवार को खेड़ा, नेतरांग और सूरत में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अगले दिन वह चार जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, उनकी सभाएं पलटाना, अंजार, जामनगर और राजकोट में भी प्रस्तावित हैं। वहीं अमित शाह अमरेली, भावनगर, वड़ोदरा और अहमदाबाद की विभिन्न सीट पर प्रचार करने के बाद अन्य क्षेत्रों में प्रचार अभियान का मोर्चा संभालेंगे।
भाजपा का मिशन
दरअसल निर्वाचन आयोग ने तीन नवंबर को गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव संहिता लागू हो गई थी। इसके पहले भी पीएम कई कार्यक्रम को संबोधित कर चुके थे। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद बीजेपी एकदम से एक्शन मोड में आ गई। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण गुजरात के आदिवासी बहुल वलसाड जिले की कपराड़ा से छह नवंबर को भाजपा के चुनाव अभियान का आगाज किया था। अगले दिन मोदी ने सोमनाथ में पूजा-अर्चना करने के बाद वेरावल, धोराजी, अमरेली और बोताड़ में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। दिन भर रैली करने के बाद उन्होंने अहमदाबाद स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की थी।
पीएम मोदी के बाद शाह
गुजरात में मोदी के बाद सबसे बड़े स्टार प्रचारक की भूमिका में अमित शाह दिख रहे हैं। वो अब तक डेढ़ दर्जन के करीब चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने नन्दोड सहित कुछ क्षेत्रों में रोड शो भी किए हैं।
अन्य नेता भी मैदान में
भाजपा अध्यक्ष नड्डा, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, पुरुषोत्तम रूपाला, गजेंद्र सिंह शेखावत, स्मृति ईरानी, देवू सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के उनके समकक्ष शिवराज सिंह चौहान, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अभी तक करीब आधा-आधा दर्जन सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। भोजपुरी फिल्मों के स्टार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी और रवि किशन भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। उन्होंने भी राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां और रोड शो किए हैं।
