Mokama Murder Case: बिहार के मोकामा में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई हिंसा को लेकर चुनाव आयोग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को हटा दिया। आयोग ने मोकामा से तीन अधिकारियों को हटा दिया जिनमें एक अधिकारी एसडीओ रैंक के और दो अधिकारी एसडीपीओ रैंक के हटाए गए हैं। इसके अलावा पटना ग्रामीण के एसपी विक्रम सिहाग के तबादले का आदेश है।
मोकामा हत्याकांड को लेकर चुनाव आयोग सख्त (फाइल फोटो)
पटना ग्रामीण SP का भी ट्रांसफर
चुनाव आयोग ने इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। साथ ही बाढ़ में तैनात एसडीपीओ अभिषेक सिंह को सस्पेंड किया गया। इसके अलावा पटना ग्रामीण के एसपी का भी ट्रांसफर किया गया। कल दोपहर 12 बजे तक चुनाव आयोग ने सीईओ बिहार से कंप्लायंस रिपोर्ट मांगी है।
EC ने DGP से मांगी रिपोर्ट
मोकामा में जन सुराज पार्टी नेता दुलारचंद यादव की हत्या से हड़कंप मच गया। विपक्षी दल दुलारचंद हत्याकांड को लेकर सरकार पर हमलावर है तो वहीं चुनाव आयोग ने तीन अधिकारियों को हटा दिया। इससे पहले चुनाव आयोग ने बिहार के सभी ऑब्जर्वर के साथ बैठक के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से रिपोर्ट तलब की है।
कैसे हुई दुलारचंद यादव की मौत?
दुलार चंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हृदय और फेफड़ों में चोट लगने के बाद हृदय गति रुकने से उनकी मौत हुई। गैंगस्टर दुलार चंद यादव राजनेता भी थे। पटना के मोकामा इलाके में गुरुवार को जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार करते समय यादव की हत्या कर दी गई थी। यह घटना भदौर और घोसवारी थानों के पास हुई थी।
पटना पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया, “यादव की मौत का कारण हृदय और फेफड़ों में किसी कठोर और कुंद पदार्थ से लगी चोट के कारण हृदय गति रुकना है।” रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि यादव को टखने के पास गोली मारी गई थी लेकिन गोली का घाव उनकी मौत का कारण नहीं था। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटना के संबंध में तीन प्राथमिकी दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
