Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान एक जून को संपन्न हो गया। लोकसभा की सभी 543 सीटों के लिए मतदान इस बार सात चरणों में 19 अप्रैल से 1 जून तक संपन्न हुआ। अब चुनाव नतीजे चार जून को आएंगे। चुनाव परिणाम के लिए चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। देश भर के मतगणना केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षाकर्मियों का भारी पहरा है। मतगणना के लिए जरूरी सभी उपकरण लगाए जा रहे हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कुल 851 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 771 पुरुष और 80 महिलाएं हैं। इनमें सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार घोसी लोकसभा क्षेत्र में और सबसे कम चार उम्मीदवार कैसरगंज में हैं।
लोकसभा चुनाव 2024
यूपी की मतगणना की तैयारी के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि मंगलवार को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। उन्होंने बताया कि राज्य के 75 जिलों में 81 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य का कुल मतदान प्रतिशत 56.92 प्रतिशत रहा, जो 2019 के 59.11 प्रतिशत के आंकड़े से 2.19 प्रतिशत कम है।
मतगणना केंद्रों पर अर्धसैनिक बल तैनात
आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मुकेश कुमार मीणा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को चार जून को सुचारु मतगणना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने का निर्देश दिया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मीणा ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा, ‘यदि कोई भी मतगणना केन्द्र पर गड़बड़ी करने की कोशिश करता है, तो उसे बिना किसी हिचकिचाहट के बाहर निकाल दिया जाना चाहिए तथा कानून के अनुसार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’ मतगणना केंद्रों पर अर्धसैनिक बल तैनात हैं। मतगणना केंद्र के अंतर बाहरी किसी भी व्यक्ति के आने की इजाजत नहीं है। केंद्रों के बाहर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एवं एजेंट भी मौजूद हैं।चुनाव आयोग से मिला ‘इंडिया’ गठबंधन
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की और चार जून को लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान सभी दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इन दिशानिर्देशों में, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के नतीजों से पहले डाक मत पत्रों के परिणामों की घोषणा करना भी शामिल है। मुलाकात के बाद, मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यह तीसरा मौका है जब विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आम चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग का दौरा किया।
100 मीटर की परिधि में होगा सुरक्षा का पहला स्तर
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा का पहला स्तर मतगणना स्थल से 100 मीटर की परिधि में होगा, जहां स्थानीय पुलिस बल तैनात रहेगा जबकि सुरक्षा का दूसरा स्तर मतगणना स्थल के गेट पर होगा, जहां राज्य पुलिस बल तैनात रहेगा और सुरक्षा का तीसरा स्तर मतगणना हॉल के लिए होगा, जो सीएपीएफ की निगरानी में रहेगा। रिणवा ने यह भी कहा कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को लू व भीषण गर्मी से बचाव के लिए 'क्या करें/क्या न करें' की सलाह पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतगणना कर्मियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
