Bihar Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और अब तक राजग और महागठबंधन के सामने सीट बंटवारे की चुनौतियां बनी हुई हैं। दोनों ही गठबंधन अभी तक अपने-अपने दलों को संतुष्ट नहीं कर पाए हैं। लगातार बयानबाजी हो रही है और अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन इन तमाम चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बात तो स्पष्ट कर दी है कि सीट बंटवारे को लेकर राजग के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है। उनकी अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने गुरुवार को चुनावी रणनीति तय करने के लिए पटना में एक आपात बैठक बुलाई। हालांकि, चिराग पासवान खुद दिल्ली रवाना हो गए।
सीट बंटवारे को लेकर फंसा पेंच (फोटो साभार: @iChiragPaswan)
आपात बैठक संपन्न
लोजपा (रामविलास) की बैठक संपन्न हो गई। इस बैठक में चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है। हालांकि, अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जो फैसला लेंगे, वह सभी कार्यकर्ताओं को मान्य है। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्हें हर जानकारी से अवगत कराया गया। चिराग पासवान का फैसला सबको मान्य हैं।
लोजपा (रामविलास) नेता राजू तिवारी ने बताया कि आज बिहार के चुनाव प्रभारी अरुण भारती की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई जिसमें पार्टी के तमाम पदाधिकारी शामिल हुए। हमने सीट बंटवारे को लेकर सर्वसम्मति से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को निर्णय लेने की जिम्मेदारी सौंप दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अंतिम निर्णय लेंगे।
सीट बंटवारे पर चल रही चर्चा
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीट बंटवारे से जुड़े सवाल पर चिराग पासवान ने कहा, "चर्चा चल रही है। मेरे पास अन्य जिम्मेदारियां भी हैं। जब तक मैं मंत्री हूं, मेरे पास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है। मैं अभी इसके लिए जा रहा हूं।"
इससे पहले, खगड़िया में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा का मेरे बारे में जो खबरें सूत्रों के हवाले से चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं। मैं किसी से नाराज नहीं हूं। राजग में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका समाधान हो जाएगा।
मांझी ने मांगी 15 सीटें
इधर, सीट बंटवारे को लेकर बिहार में राजग के घटक दलों के बीच खींचतान बुधवार को सामने आई जब हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर उन्हें कम से कम 15 सीटें नहीं दी गईं तो यह उनका अपमान होगा और उनकी पार्टी चुनाव नहीं पड़ेगी। हालांकि, भाजपा ने अपने नेताओं की लंबी बैठक के बाद दावा किया कि ‘‘गठबंधन में सब कुछ ठीक है।’’
