बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही सियासी हलचल भी तेज हो गई है। प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अब पूरी तरह चुनावी मोड में हैं। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)- यानी चिराग पासवान की पार्टी- ने अपने प्रदेश प्रधान महासचिव मोहम्मद मोतिउल्लाह खान को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
मोहम्मद मोतिउल्लाह खान को चिराग पासवान ने पार्टी से निकाला (फोटो- ichiragpaswan)
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मोतिउल्लाह खान को चिराग पासवान ने पार्टी से निकाला
मोतिउल्लाह खान, जो जमुई जिले के रहने वाले हैं, पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और विरोधी दलों से संपर्क रखने का आरोप लगा है। इस कार्रवाई की जानकारी पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम साहिल ने एक औपचारिक पत्र जारी कर दी। पत्र के अनुसार, खान को न केवल उनके पद से मुक्त किया गया है, बल्कि उनकी सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
मिले थे ठोस प्रमाण
यह निर्णय रविवार दोपहर करीब 1 बजे सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद लोजपा (रामविलास) के भीतर हलचल मच गई। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व को मोतिउल्लाह के विरोधी राजनीतिक दलों से संपर्क में रहने के ठोस प्रमाण मिले थे। इन सूचनाओं की पुष्टि के बाद शीर्ष नेतृत्व ने यह अनुशासनात्मक कदम उठाया। पार्टी के अंदर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह निर्णय संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक था, जबकि कुछ इसे अचानक और कठोर कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।
मोहम्मद मोतिउल्लाह खान लोजपा के थे वरिष्ठ नेता
मोहम्मद मोतिउल्लाह खान लोजपा (रामविलास) से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वे पूर्व में जमुई जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के समय से ही पार्टी में सक्रिय रहे हैं। इस निष्कासन के बाद जमुई की स्थानीय इकाई में असमंजस और असंतोष दोनों देखा जा रहा है।
