Dinesh Pratap Singh: आखिरी वक्त तक कांग्रेस की तरफ से किसी उम्मीदवार का ऐलान नहीं करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह को मैदान में उतारने की घोषणा की। बीजेपी की रणनीति थी कि कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा के मद्देनजर यहां से अपना उम्मीदवार उतारा जाए। लेकिन कांग्रेस में उसे लेकर ऊहापोह की स्थिति लगातार बनी रही। खबर आई कि राहुल अमेठी से लड़ने जा रहे हैं और ऑनलाइन नामांकन पत्र भी लिया गया है, लेकिन रायबरेली को लेकर मंथन ही होता रहा, किसी के नाम का ऐलान नहीं हुआ।
दिनेश प्रताप सिंह
दिनेश प्रताप सिंह पर फिर जताया भरोसा
बीजेपी ने एक बारि फिर दिनेश प्रताप सिंह को गांधी परिवार के गढ़ से टिकट दिया है। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी को टक्कर देने की अच्छी कोशिश की थी। इस सीट से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार पांच बार जीत चुकी हैं। वह अब राज्यसभा सांसद हैं। उनकी जगह प्रियंका गांधी वाड्रा को मैदान पर उतारने की चर्चा जोरों पर थी।कौन हैं दिनेश प्रताप सिंह
दिनेश प्रताप सिंह 2018 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। का दामन थामा था। इसके अगले साल ही भाजपा ने उन्हें रायबरेली से लोकसभा का टिकट दिया था। उन्होंने 2019 में सोनिया गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था। फिलहाल एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री हैं। रायबरेली की सियासत में पंचवटी का दबदबा माना जाता है। दरअसल, दिनेश प्रताप सिंह का घर ही पंचवटी कहलाता है। वह गांव गुनावर कमंगलपुर के रहने वाले हैं। रायबरेली की राजनीति में इस परिवार का प्रभाव रहा है।
कहा था- जिसे भी टिकट मिलेगा, मैं उसके साथ
कुछ दिनों पहले दिनेश प्रताप सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था, मेरे रायबरेली के भाइयों और बहनों, भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व जिसे भी रायबरेली लोकसभा से कमल के निशान पर भेजेगा, मैं रायबरेली की जनता के साथ मिलकर उसे पूरे तन-मन-धन से चुनाव लड़ने में मदद करूंगा। यह कमल खिलाने का मेरा संकल्प है। भगवान श्रीराम और रायबरेली के सम्मानित लोग हमारे संकल्प का समर्थन करें।
सोनिया ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी इस बार राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुनी गई हैं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2004 से इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रायबरेली के मतदाताओं को बताया था कि वह स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के कारण आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी।
