Jayant Sinha: पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने चुनाव में वोट न डालने और पार्टी के लिए प्रचार नहीं करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिले कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है। झारखंड भाजपा महासचिव आदित्य साहू के पत्र का जवाब देते हुए सिन्हा ने कहा है कि उन्होंने पोस्टल बैलेट से मतदान किया क्योंकि 'निजी कारणों' की वजह से वह विदेश में थे। हजारीबाग से मौजूदा सांसद ने कहा कि 'आपका पत्र पाकर मैं बहुत हैरान हुआ। मुझे यह भी पता चला कि इस पत्र को आपने मीडिया में भी जारी कर दिया है।'
हजारीबाग से अभी मौजूदा सांसद हैं जयंत सिन्हा।
मैंने अपना समर्थन भाजपा प्रत्याशी को दिया-सिन्हा
साहू ने सिन्हा को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि चुनाव प्रचार से दूरी बनाने और मतदान न करने की वजह से पार्टी की छवि धूमिल हुई। आपने हजारीबाग सीट से भाजपा उम्मीदवार मनीष जायसवाल के लिए प्रचार भी नहीं किया और आप पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, इस आरोप पर उन्होंने कहा, 'पार्टी ने मनीष जायसवाल को प्रत्याशी बनाया। इसके लिए मैंने आठ मार्च 2024 को उन्हें शुभकामनाएं दीं, इससे मेरा समर्थन जाहिर होता है।'
'चुनाव-प्रचार के लिए मुझसे किसी ने संपर्क नहीं किया'
उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव-प्रचार के लिए पार्टी को यदि मेरी जरूरत थी तो आप निश्चित रूप से मुझसे संपर्क किए होते। लेकिन झारखंड का कोई सांसद, विधायक या किसी पदाधिकारी ने इसके लिए मुझसे संपर्क नहीं किया। पार्टी के किसी भी कार्यक्रम, रैली अथवा संगठनात्मक बैठकों के लिए मुझे बुलाया नहीं गया।' बता दें कि सिन्हा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पहले ही बता चुके थे कि वह 2024 का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। उन्हें 'चुनाव के दायित्वों एवं कर्तव्यों' से मुक्त रखा जाए।
चुनाव प्रचार से दूर रहे जयंत
झारखंड में लोकसभा चुनाव में भाजपा सांसद चुनाव प्रचार से दूर रहे। हालांकि, वहीं कई मौके पर जयंत सिन्हा के पुत्र कांग्रेस उम्मीदवार के मंच पर दिखे। इससे कई तरह की अटकलें लगाई जानें लगीं। जबकि जयंत सिन्हा के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने खुलकर भाजपा प्रत्याशी मनीष जायसवाल का विरोध किया। जयंत सिन्हा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे यशवंत सिन्हा के पुत्र हैं। यशवंत वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं।
