Bihar Assembly Election: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी, बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल तथा आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिहार के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पटना में आयोजित इस बैठक के बारे में चुनाव आयोग ने कहा कि राजनैतिक दल जनतंत्र की आधारशिला हैं, सभी दलों को पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के हर पड़ाव पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
पटना में दलों के साथ सीईसी की बैठक। तस्वीर-टाइम्स नाउ नवभारत
प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया
आयोग के सदस्य मंडल आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर चुनाव की प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। रविवार यानी पांच अक्टूबर को आयोग के सदस्य प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और चुनाव के दौरान निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
पांच अक्टूबर की दोपहर होगी प्रेस वार्ता
निर्वाचन विभाग के अनुसार, आयोग की टीम राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेगी ताकि राज्य स्तरीय चुनावी तैयारियों का आकलन किया जा सके। दौरे के अंतिम चरण में पांच अक्टूबर की दोपहर आयोग की टीम प्रेस वार्ता करेगी और अब तक की समीक्षा तथा आगे के दिशा-निर्देश साझा करेगी।निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरे का उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वसमावेशी ढंग से संपन्न कराना है।
चुनाव आयोग के साथ पार्टियों की बैठक की मुख्य बातें
- आयोग ने कहा कि चुनाव के पर्व को सौहार्द से मनायें, मतदाताओं का सम्मान करें
- आयोग ने आह्वान किया कि चुनाव की पारदर्शिता का अनुभव करें, हर बूथ पर राजनैतिक दल अपने पोलिंग एजेंट नामित करना न भूलें।
- राजनैतिक दलों ने चुनाव आयोग के मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिये SIR के ऐतिहासिक, पारदर्शी और दृढ़ कदम उठाने के लिए धन्यवाद किया।
- ईसी ने चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपनी पूरी निष्ठा और विश्वास को दोहराया।
- राजनैतिक दलों ने मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाताओं की अधिकतम संख्या निर्धारित करने के लिये आयोग का धन्यवाद किया
- राजनैतिक दलों ने बिहार के मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की मांग की।
- दलों ने चुनाव को कम से कम चरणों में कराने का सुझाव दिया।
- चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उठाए गए कई नए कदमों, जैसे पोस्टल वोटों की गिनती एवं फॉर्म 17C संबंधी प्रावधानों की व्यापक सराहना की गई।
- सभी दलों ने चुनाव आयोग पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूर्णत: पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग में पूरा विश्वास जताया।
