विपक्षी एकजुटता के लिए दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार (12 अप्रैल, 2023) को कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे। ये मुलाकातें साल 2024 के लोक सभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ अपोजीशन को मजबूत करने के प्लान के तहत देखी गईं।
दिल्ली में कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई इस भेंट में कांग्रेस के पूर्व चीफ राहुल गांधी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार।
हालांकि, बड़ा सवाल फिलहाल बरकरार है कि आखिरकार विपक्ष की ओर से अगुवा कौन होगा। सरल भाषा में समझें तो अपोजीशन की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए चेहरा कौन बनेगा? कांग्रेस चीफ खड़गे के आवास पर हुई मीटिंग के बाद जब विपक्ष के नेता मीडिया के सामने अपनी-अपनी बात रख रहे थे, तब पत्रकारों ने पूछा था कि अगुवाई कौन करेगा, पर इस पर किसी का कोई जवाब नहीं आया।
#WATCH | "This is the most corrupt government in the country after independence and it is essential for all opposit… t.co/EVjZU928sl
— ANI (@ANI) Apr 12, 2023
WATCH: Congress President Shri @kharge and Shri @RahulGandhi address the media in New Delhi. t.co/hZAJ5zCVSN
— ANI (@ANI) Apr 12, 2023
देखिए, पांच मिनट 20 सेकेंड के बाद क्या हुआ?:
उल्टा राहुल और नीतीश थोड़ा सा ऐसे प्रश्नों पर सकपकाए नजर आए थे और बाद में उन्होंने हाथ जोड़ लिए। स्थिति संभालने के लिए खड़गे भी थैंक्यू-थैंक्यू कहकर सवालों को टालने की कोशिश करते दिखे। इस बीच, बिहार बीजेपी चीफ सम्राट चौधरी की ओर से कहा गया- राहुल और नीतीश तो यह बोले ही नहीं कि फेस कौन होगा। राहुल को डर होगा कि कहीं इस बार भी नीतीश पलटी न मार दें। पिछली बार भी वह पलटी मार गए थे।
VIDEO | "Rahul Gandhi or Nitish Kumar didn't say who will be the (PM) face," says Bihar BJP President… t.co/OXqSnnRJ6v
— ANI (@ANI) Apr 12, 2023
सुनिए, विपक्ष के चेहरे पर बीजेपी ने ये बातें कहीं:
बिहार बीजेपी चीफ ने दावा किया- यह मुलाकात नीतीश कुमार दर-दर भटक रहे हैं। बिहार के सीएम को नहीं भटकना चाहिए। आप कहां भटक रहे हैं...? बुजुर्ग हो गए हैं, बीमार हैं और थके हुए हैं...भटकने से कोई प्रधानमंत्री होता है, उनकी आत्मा भटक रही है।
चौधरी के मुताबिक, "यह तो नीतीश को बताना ही पड़ेगा कि राहुल, केजरीवाल या फिर वह खुद पीएम चेहरे के लिए उम्मदीवार हैं। लेकिन अभी तक कुमार उन्हीं के चरणों में गए हैं, जो भ्रष्टाचारी हैं। करप्शन को बचाने के लिए नीतीश गए हैं। राजद तो भ्रष्टाचार का प्रतीक ही है।"
विपक्षी एकजुटता के लिए अब तक क्या कुछ हुआ है? प्वॉइंट्स में समझें
- दिल्ली में खड़गे के आवास पर दोपहर के भोज पर बैठक
- खड़गे, नीतीश, राहुल और तेजस्वी के अलावा जेडीयू चीफ राजीव रंजन सिंह, बिहार के मंत्री संजय झा, राजद मनोज झा, कांग्रेस के सलमान खुर्शीद और बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह मौजूद रहे
- कांग्रेस प्रमुख बोले- यह ऐतिहासिक मीटिंग है। सभी विपक्षी दलों आगे एकजुट किया जाएगा
- बिहार सीएम ने बताया, ‘‘जिस दिन बैठेंगे, उस दिन जानिएगा। बहुत ज्यादा लोग इकट्ठा होंगे’’
- राहुल ने कहा- यह विचाराधारा की लड़ाई है, जिसे मिलकर लड़ा जाएगा
- वैसे, कुछ रोज पहले खड़गे ने नीतीश, तमिलनाडु सीएम एम के स्टालिन और शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की थी
- कुमार पूर्व में कई दफा कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को 2024 के आम चुनाव में भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाने की सलाह दे चुके हैं।
