Wazirganj Assembly Constituency (वजीरगंज विधानसभा सीट): बिहार की वजीरगंज विधानसभा सीट गयाजी जिले में स्थित है। यह जिले का एक प्रखंड भी है, जो गया से 29 किलोमीटर दूर पूर्व की ओर स्थित है। जिसके पास हिसुआ, बोधगया, गया और राजगीर जैसे शहर हैं। वजीरगंज विधानसभा सीट का इतिहास काफी पुराना नहीं है। यहां अभी तक सिर्फ तीन ही चुनाव हुए हैं। जिनमें से दो बार बीजेपी को जीत हासिल की और एक बार कांग्रेस को सीट मिली। वजीरगंज सीट से मौजूदा विधायक बीजेपी के बीरेंद्र सिंह हैं। इस बार के चुनाव में भी बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं, जिनके बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कांग्रेस ने डॉ. शशि शेखर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं बीजेपी ने एक बार फिर बीरेंद्र सिंह पर दांव लगाया है। दूसरे चरण में 11 नवंबर को वजीरगंज सीट पर वोटिंग होगी।
वजीरगंज विधानसभा सीट
वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र का चुनावी समीकरण
वजीरगंज एक जनरल कैटगरी की विधानसभा सीट है। यह क्षेत्र पहले शेरघाटी विधानसभा सीट का हिस्सा थी। लेकिन 2008 में परिसीमन के बाद वजीरगंज सीट अस्तित्व में आई। यहां पर राजनीतिक समीकरण बदलता रहा है। 2010 में हुए पहले चुनाव में बीजेपी ने यहां से जीत हासिल की और बीरेंद्र सिंह विधायक बने। 2015 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। इस चुनाव में कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी को करारी हार दी। जिसके बाद 2020 के चुनाव में फिर बीजेपी ने वापसी की और बीरेंद्र सिंह को जीत हासिल हुई।
वजीरगंज सीट से उम्मीदवार
- बीरेंद्र सिंह - बीजेपी
- डॉ. शशि शेखर सिंह - कांग्रेस
वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण
वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में हिंदू आबादी अधिक हैं। यहां पर 92.87 फीसदी हिंदुओं की संख्या है, वहीं मुस्लिम आबादी 6.7 फीसदी है। 2020 के विधानसभा चुनाव में वजीरगंज में कुल वोटरों की संख्या 3,13,544 थी। जिनमें से सिर्फ 56.18 फीसदी वोटरों ने मतदान किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटरों की संख्या बढ़कर 3,22,739 हो गई। इस क्षेत्र में ग्रामीण आबादी अधिक है, शहरी मतदाता सिर्फ 18.43 प्रतिशत हैं। वजीरगंज सीट पर अनुसूचित जाति के वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इनकी आबादी 30.46 फीसदी है, जबकि मुस्लिम वोटर करीब 9.1 फीसदी हैं। यहां पर यादव, मांझी, राजपूत और मुस्लिम वोटर भी हार-जीत में अहम भूमिका निभाते हैं।
