Katoria Assembly Seat 2025: भाजपा-राजद के बीच कांटे की टक्कर, ST रिजर्वेशन के बाद बदल गया कटोरिया का समीकरण

Katoria Assembly Constituency (कटोरिया विधानसभा सीट): बांका जिले की कटोरिया विधानसभा सीट, जो अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है, 2025 के चुनाव में एक बार फिर राजनीतिक रूप से अहम बन गई है। यह सीट कटोरिया और बौंसी प्रखंडों को मिलाकर बनी है और आदिवासी मतदाता यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं। आइए समझते हैं कटोरिया सीट का समीकरण।

Katoria Assembly Constituency (कटोरिया विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार बांका जिले की कटोरिया विधानसभा सीट राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और कटोरिया तथा बौंसी दो प्रमुख प्रखंडों को मिलाकर बनी है। कटोरिया सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इसकी स्थापना वर्ष 1951 में सामान्य सीट के रूप में हुई थी, लेकिन 2008 के परिसीमन के बाद इसे एसटी के लिए आरक्षित कर दिया गया। इसके बाद से इस क्षेत्र का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया। लक्ष्मीपुर गांव, जो ब्लॉक मुख्यालय से 29 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है, ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह कभी राजा लक्ष्मीपुर की रियासत थी, जिनके किले के अवशेष आज भी मौजूद हैं।

katoria assembly constituency.

कटोरिया सीट पर क्या है माहौल

क्या है इस सीट का राजनीतिक इतिहास

अगर इतिहास पर नजर डालें तो इस सीट पर अब तक कांग्रेस ने 5 बार, राजद ने 3 बार, भाजपा और जनता दल ने 2-2 बार, जबकि लोजपा ने एक बार जीत दर्ज की है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की निक्की हेम्ब्रम ने राजद की स्वीटी सीमा हेम्ब्रम को हराकर जीत हासिल की थी।

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