Katoria Assembly Constituency (कटोरिया विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार बांका जिले की कटोरिया विधानसभा सीट राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और कटोरिया तथा बौंसी दो प्रमुख प्रखंडों को मिलाकर बनी है। कटोरिया सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इसकी स्थापना वर्ष 1951 में सामान्य सीट के रूप में हुई थी, लेकिन 2008 के परिसीमन के बाद इसे एसटी के लिए आरक्षित कर दिया गया। इसके बाद से इस क्षेत्र का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया। लक्ष्मीपुर गांव, जो ब्लॉक मुख्यालय से 29 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है, ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह कभी राजा लक्ष्मीपुर की रियासत थी, जिनके किले के अवशेष आज भी मौजूद हैं।
कटोरिया सीट पर क्या है माहौल
क्या है इस सीट का राजनीतिक इतिहास
अगर इतिहास पर नजर डालें तो इस सीट पर अब तक कांग्रेस ने 5 बार, राजद ने 3 बार, भाजपा और जनता दल ने 2-2 बार, जबकि लोजपा ने एक बार जीत दर्ज की है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की निक्की हेम्ब्रम ने राजद की स्वीटी सीमा हेम्ब्रम को हराकर जीत हासिल की थी।
इस बार कैसे हैं हालात
इस बार मुख्य मुकाबला भाजपा और राजद के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने वर्तमान विधायक पूरन लाल टुडू को टिकट दिया है, जबकि राजद ने स्वीटी सीमा हेम्ब्रम पर भरोसा जताया है। वहीं, जन स्वराज पार्टी ने सलोनी मुर्मू को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
कटोरिया का जातीय समीकरण
जातीय समीकरणों की दृष्टि से इस सीट पर आदिवासी मतदाता तो निर्णायक भूमिका निभाते ही हैं, लेकिन मुस्लिम मतदाता भी यहां प्रभावशाली हैं। इसके अलावा भूमिहार, ब्राह्मण, कोइरी और रविदास समुदाय के मतदाता भी परिणाम तय करने में अहम योगदान देंगे।
कटोरिया में कब होंगे चुनाव (Katoria Election Date)
| नोटिफिकेशन की तारीख | 13 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 20 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन जांच की आखिरी तारीख | 21 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख | 23 अक्टूबर 2025 |
| मतदान | 11 नवंबर 2025 |
| चुनाव नतीजे | 14 नवंबर 2025 |
इस बार त्रिकोणीय मुकाबला
इस बार के चुनाव में कटोरिया सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है, लेकिन असली जंग भाजपा और राजद के बीच ही है। स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और जातीय समीकरणों के बीच यह तय होगा कि कटोरिया की गद्दी किसके हिस्से में आती है।
