Biharsharif Chunav 2025: बिहारशरीफ में 15 साल बाद वापसी की राह देख रही कांग्रेस, भाजपा के किले में क्या महागठबंधन लगा पाएगा सेंध?

Biharsharif Assembly Constituency (बिहारशरीफ विधानसभा सीट): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह नगर होने के बावजूद यह सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कब्जे में है। ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस का गढ़ रही यह सीट अब भाजपा की मजबूत पकड़ में है, लेकिन कांग्रेस एक बार फिर अपनी वापसी की कोशिश में जुटी है। आइए जानते हैं क्या है बिहारशरीफ का समीकरण।

Biharsharif Assembly Constituency (बिहारशरीफ विधानसभा सीट): नालंदा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बिहारशरीफ विधानसभा सीट प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह नगर होने के साथ-साथ नालंदा जिले का मुख्यालय भी है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि इस समय इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कब्जा है।

biharsharif assembly seat

क्या है बिहारशरीफ सीट का समीकरण

इतिहास और सांस्कृतिक विरासत

बिहारशरीफ नगर बड़ी पहाड़ी की तलहटी में पंचाने नदी के किनारे बसा है। यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही शिक्षा और संस्कृति का केंद्र रहा है। पाल वंश के शासनकाल में यहां ओदंतपुरी महाविहार स्थापित था, जो नालंदा विश्वविद्यालय के बाद दूसरा सबसे प्राचीन बौद्ध शिक्षण केंद्र था। 12वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी के आक्रमण से यह संस्थान नष्ट हुआ। कहा जाता है कि ‘बिहारशरीफ’ नाम ‘विहार’ (बौद्ध मठ) से पड़ा, और बाद में सूफी संत शेख मखदूम शर्फुद्दीन अहमद यहिया मनेरी के सम्मान में ‘शरीफ’ जोड़ा गया। यहां की बड़ी दरगाह, शीतला मंदिर, मालिक इब्राहिम बर्यो का मकबरा, मोरा तालाब और तेतरावां जैसे स्थल आज भी इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं।

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