Bhagalpur Assembly Seat: कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की चुनौती, 2025 में भागलपुर में कांटे का मुकाबला

Bhagalpur Assembly Constituency (भागलपुर विधानसभा सीट): कभी भाजपा की सीट रही भागलपुर विधानसभा पर 2014 के उपचुनाव के बाद कांग्रेस का दबदबा है। कांटे की टक्कर वाली इस सीट पर इसबार भी चुनावी गणित देखने लायक होगा। आइए जानते हैं क्या है भागलपुर सीट का हाल चाल और क्या है यहां का जातीय समीकरण।

Bhagalpur Assembly Seat (भागलपुर विधानसभा सीट): बिहार की राजनीति का केंद्र मानी जाती है। कभी यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ हुआ करती थी लेकिन 2014 उपचुनाव के बाद से कांग्रेस यहां लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी है। 3.5 लाख से अधिक मतदाताओं वाली इस सीट पर हर बार त्रिकोणीय या सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। खासकर मुस्लिम और वैश्य वोटर यहां की जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

Bhagalpur Assembly Constituency.

भागलपुर में क्या है समीकरण

भागलपुर में कैसा रहा चुनावी गणित

2010 विधानसभा चुनाव में अश्विनी कुमार चौबे (BJP) ने 49,164 वोट पाकर कांग्रेस उम्मीदवार अजीत शर्मा को 11,060 वोटों से हराया। यह दौर भाजपा के प्रभुत्व का समय था, जब अश्विनी चौबे लगातार पांच बार इस सीट से विजयी रहे। साल 2015 में कांग्रेस ने मजबूती से वापसी की। अजीत शर्मा (INC) ने 70,514 वोट पाकर जीत हासिल की और भाजपा के अर्जित शाश्वत चौबे को 10,658 वोटों से मात दी। भाजपा नेता विजय साह ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और 15,000 से अधिक वोट बटोरे, जिससे भाजपा का वोट बैंक बंट गया। 2020 में मुकाबला बेहद करीबी रहा। कांग्रेस प्रत्याशी अजीत शर्मा ने 65,502 वोट पाकर भाजपा के रोहित पांडेय को सिर्फ 1,113 वोटों से हराया। लोजपा के राजेश वर्मा 20,523 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस बार जीत का अंतर भले ही कम हुआ, लेकिन कांग्रेस ने सीट बचा ली।

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