Arvinder Singh Lovely joins BJP: लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली कांग्रेस में भारी उथलपुथल मची हुई है अभी 28 अप्रैल को ही अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था वहीं अब खबर ये सामने आई है कि अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी का दामन थाम लिया है, लवली के साथ कुछ और नेता भी बीजेपी में शामिल हुए हैं।
अरविंदर सिंह लवली अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं
अरविंदर सिंह लवली शीला दीक्षित की सरकार में मंत्री रह चुके हैं उनको पिछले साल ही दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख के पद पर नियुक्त किया गया था वहीं आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े और दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा की मौजूदगी में अरविंदर सिंह लवली बीजेपीमें शामिल हुए।
कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी बीजेपी का दामन थामा
अरविंदर सिंह लवली के साथ कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनमें राजकुमार चौहान, नसीब सिंह, नीरज बसोया और अमित मलिक भी हैं गौर हो कि दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर छठे चरण के दौरान 25 मई को मतदान होना है।
अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था
गौर हो कि करीब हफ्ता भर पहले ही दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था इस बाबत उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र भी लिखा था इस पत्र में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर सवाल खड़े किए थे।
'इसके बावजूद कांग्रेस ने दिल्ली में AAP के साथ गठबंधन करने का फैसला'
अरविंदर सिंह लवली ने अपने पत्र में लिखा था कि दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ थी, जो कांग्रेस के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के एकमात्र आधार पर बनी थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने दिल्ली में AAP के साथ गठबंधन करने का फैसला किया।
लवली ने पर प्रत्याशियों के चयन पर भी सवाल खड़े किए थे
अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली की तीन लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन पर भी सवाल खड़े किए थे उन्होंने कहा, तीनों लोकसभा सीट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी, ऑब्जर्वर और स्थानीय नेताओं के सुझावों की अनदेखी की गई। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया गया, जो दिल्ली कांग्रेस और पार्टी की नीतियों से पूरी तरह बेखबर हैं। बताया जा रहा है कि अरविंदर सिंह लवली उदित राज और कन्हैया कुमार को टिकट मिलने से नाराज थे।
'यह पत्र मैं बहुत दुखी मन से लिख रहा हूं...'
लवली ने अपने लेटर में लिखा था, यह पत्र मैं बहुत दुखी मन से लिख रहा हूं। मैं पार्टी में खुद को एकदम लाचार महसूस करता हूं। इसलिए अब दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बना नहीं रह सकता। दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के लिए सभी सर्वसम्मत फैसलों पर एकतरफा दिल्ली प्रभारी रोक लगा देते हैं, जब से मुझे दिल्ली का पार्टी चीफ बनाया गया है, तब से मुझे किसी को भी सीनियद पर पर नियुक्त करने की अनुमति नहीं है। इस कारण ही अब तक दिल्ली के 150 ब्लॉक में प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
