Bihar Assembly Election: बिहार में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए चुनाव प्रचार का दौर मंगलवार शाम पांच बजे थम जाएगा। इस पहले चरण में 18 जिलों में विधानसभा की 121 सीटों पर मतदान होगा। पहले चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गृह मंत्री अमित शाह मधुबनी जिले में मुस्तैद रहे। इस दौरान उन्होंने एनडीए के नेताओं एवं कार्यकर्ताओ के साथ मिथिलांचल में मिट्टी से बने एक रेस्तरां पहुंचे। मिथिला हाट में गृह मंत्री और अन्य नेताओं के भोज में कई तरह के लजीज व्यंजन परोसे गए। एनडीए के नेताओं ने मिथिला के 'महो-महो थाली' का स्वाद लिया।
मधुबनी जिले में एक घर में भोज खाते गृह मंत्री अमित शाह। तस्वीर-ANI
नीय भाषा में भंसा घर कहा जाता है
बता दें कि इस थाली में मिथिला का मरवे की रोटी, मक्का रोटी, साग, बेरिया की सब्जी, कुमरौरी, मखाना खीर और अलग-अलग व्यंजन परोसे गए। इस भोजन की उन्होंने काफी तारीफ की। गृह मंत्री के साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा , झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा सहित कई एनडीए के नेताओं ने भी भोज का आनंद उठाया। मिथिला हाट में बना मिट्टी का रसोई जिसे स्थानीय भाषा में भंसा घर कहा जाता है। उसमें खाई जाने वाली थाली महो-महो में 36 प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं।
26,000 करोड़ रुपये खर्च करेगा NDA
गृह मंत्री शाह ने दरभंगा में चैनावी रैली को संबोधित करते हुए वादा किया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में लौटता है, तो सरकार सिंचाई करने और बाढ़ रोकने के लिए कोसी नदी के पानी का इस्तेमाल करने पर 26,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। शाह ने दरभंगा में एक चुनावी रैली में कहा, ‘लालू-राबड़ी के 15 साल के शासन में बिहार को तबाह करने वाले 'जंगल राज' की वापसी को रोकने के लिए 'कमल' का बटन दबाएं।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग ही बिहार को सर्वांगीण विकास की ओर ले जा सकता है।
हम बिहार में बाढ़ आने से रोकेंगे-शाह
पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘यदि बिहार में राजग सत्ता में आता है तो ‘मिथिलांचल’ में सिंचाई करने और क्षेत्र में बाढ़ को रोकने के मकसद से कोसी नदी के पानी का उपयोग करने के लिए कुल मिलाकर 26,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे...गंगा, कोसी और गंडक नदियों के पानी का उपयोग सिंचाई और बिहार में बाढ़ को रोकने के लिए किया जाएगा।’
