एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने शुक्रवार को 'एक्स' पर एक रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें पीडीपी अध्यक्ष और अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती पर चुनाव प्रचार के लिए स्कूली बच्चों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। उधर त्रिपुरा में 26 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कार्रवाई
महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कार्रवाई
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को लिखे एक पत्र में एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि बाल अधिकार पैनल ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को सूचित कर रहा है। महबूबा मुफ्ती अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से पीडीपी की उम्मीदवार हैं। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी एनसी के मियां अल्ताफ अहमद और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के जफर इकबाल मन्हास हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होना है।
त्रिपुरा में 26 कर्मचारी सस्पेंड
भारतीय निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक कार्यक्रमों, चुनाव अभियानों में भाग लेने और आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने के लिए अब तक सुरक्षा कर्मियों सहित त्रिपुरा के 26 सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुनीत अग्रवाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अन्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि दो स्कूल शिक्षकों और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के एक राइफलमैन को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया।
