कोलकाता में 90 वर्षीय बंदना सेन ने किया घर से मतदान; भारत के पहले चुनाव आयुक्त से जुड़ी दिलचस्प बात आई सामने

पश्चिम बंगाल में 90 वर्षीय बंदना सेन ने घर बैठे अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बंदना सेन स्वतंत्र भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की बहू हैं, जिन्होंने देश के पहले आम चुनावों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी संभाली थी। चुनाव आयोग की विशेष पहल के तहत उनके घर पर ही मतदान की व्यवस्था की गई, जिससे यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक और ऐतिहासिक बन गया।

West Bengal Assembly Election 2026: पहले चरण के बाद बुधवार, 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज के मतदान संपन्न हो चुके हैं। इसी बीच 90 वर्षीय बंदना सेन, जो लंबे समय से अस्वस्थ चल रही हैं और हाल ही में कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं, कुछ दिन पहले एक खास मुलाकात से वे हैरान रह गईं। दक्षिण कोलकाता स्थित उनके घर पर चुनाव आयोग के अधिकारी पहुंचे और उन्हें मतदान प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। वरिष्ठ नागरिक होने के कारण अधिकारियों ने उन्हें घर से ही मतदान करने की सुविधा देने की बात कही, ताकि उन्हें मतदान केंद्र तक न जाना पड़े। हालांकि वहां मौजूद अधिकांश अधिकारियों को यह जानकारी नहीं थी कि बंदना सेन के ससुर सुकुमार सेन स्वतंत्र भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे। उन्होंने ही देश के पहले आम चुनावों की ऐतिहासिक प्रक्रिया की निगरानी की थी और भारत के लोकतांत्रिक सफर की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

Bandana Sen With EC Officials

बंदना सेन चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ

पहली बार कब किया था मताधिकार का इस्तेमाल?

सेन परिवार इस अनुभव से बेहद खुश और भावुक है। बंदना सेन ने पहली बार वर्ष 1957 में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। उनके बेटे और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर सुदीप्तो सेन ने बताया कि चुनाव आयोग की यह पहल किसी पारिवारिक पहचान की वजह से नहीं थी, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के विशेष अभियान का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की टीम में सिर्फ एक महिला अधिकारी को ही यह जानकारी थी कि बंदना सेन देश के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की बहू हैं और उन्होंने भी शुरुआती मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक यह बात बाकी अधिकारियों को नहीं बताई।

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