Best Medical Course Without NEET Other Than MBBS: यदि आप भी डॉक्टर बनना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी या फिर नीट में रैंक कम आने के कारण आपको पीछे हटना पड़ रहा है तो निराश होने की (Best Medical Course Without NEET) जरूरत नहीं। यहां हम आपके लिए सबसे छोटा डॉक्टर कोर्स लेकर आए हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप कम समय में अच्छे डॉक्टर बन (Best Medical Course Without NEET Other Than MBBS) सकते हैं। खास बात यह है कि इस कोर्स के लिए नीट यूजी क्वालीफाई करना जरूरी नहीं है। इस कोर्स की अवधि 6 महीने से लेकर 2 साल तक है। हालांकि ध्यान रहे यह मेडिकल कोर्स स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने का अवसर तो देते हैं, लेकिन वे MBBS डॉक्टर के बराबर अधिकार नहीं देते। यह सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स होता है। ऐसे में यहां आप डॉक्टर बनने के लिए सबसे छोटा कोर्स कौन सा है।
Best Medical Course Without NEET: सबसे छोटा मेडिकल कोर्स कौन सा है
डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (DMLT)
इस कोर्स की अवधि 2 साल तक होती है। इसमें छात्रों को ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, लैब मशीनों का संचालन और मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने की जानकारी दी जाती है। कोर्स पूरा करने के बाद अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और लैब में नौकरी के अच्छे अवसर मिलते हैं।
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जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM)
नरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कोर्स लगभग 3 वर्ष का होता है। इसमें मरीजों की देखभाल, प्राथमिक उपचार और अस्पताल प्रबंधन से जुड़ी शिक्षा दी जाती है। सरकारी और निजी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की हमेशा आवश्यकता रहती है।
डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी
इस कोर्स की अवधि मात्र 1 से 2 साल होती है। किडनी रोग के बढ़ते मामलों के बीच डायलिसिस टेक्नीशियन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आप चाहें तो यह कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आपको अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिल सकती है।
डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (OTT)
डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी कोर्स की अवधि लगभग 2 साल होती है। इसमें ऑपरेशन थिएटर की तैयारी, सर्जिकल उपकरणों का प्रबंधन और डॉक्टरों की सहायता करना सिखाया जाता है।
डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी (DPT)
फिजियोरेपिस्ट की भी इस समय डिमांड काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। बता दें इस कोर्स की अवध भी 2 से 3 साल तक होती है। ऐसे में आप चाहें तो फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा कर सकते हैं। इसमें मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं के पुनर्वास का प्रशिक्षण दिया जाता है। फिजियोथेरेपी सेंटर और अस्पतालों में इसकी अच्छी मांग रहती है।
