क्या है उत्तराखंड का नया नकल रोधी कानून? राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब मिलेगी ये सजा

  • Written by: प्रभाष रावत
  • Updated Feb 12, 2023, 10:33 AM IST

Uttarakhand Anti Copying Law: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह ने राज्य के अंदर नकल रोधी कानून को लेकर मंजूरी दे दी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार राज्यपाल ने उत्तराखंड सरकार की ओर से लाए अध्यादेश को सहमति दी है जो राज्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग और धोखाधड़ी से रोकथाम में मदद करेगा।

What is Uttarakhand Anti Copying Law: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह ने राज्य के नकल विरोधी कानून को मंजूरी दे दी है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, राज्यपाल ने उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत अध्यादेश को सहमति दे दी है जो राज्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग और धोखाधड़ी को रोकता है। इस नए एंटी-कॉपीइंग कानून के तहत, परीक्षा के दौरान नकल करते या किसी भी तरह के अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़े जाने वाले उम्मीदवारों को कम से कम 10 साल की जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा। इनके साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन उम्मीदवारों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी.

Uttarakhand New Anti Copying law

उत्तराखंड नकल रोधी कानून

धामी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, 'हम इस बात के लिए आश्वस्त करना चाहते हैं कि सभी परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी।' उत्तराखंड के सीएम ने आगे कहा कि उम्मीदवारों के लिए अधिकतम जुर्माना आजीवन कारावास होगा। साथ ही उन पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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