DU में बैकलॉग का क्या है नियम, कब तक मिलता है परीक्षा पास करने का अवसर

DU Backlog Rules: दिल्ली विश्वविद्यालय में कोर्स की पढ़ाई के दौरान बैक आने पर छात्रों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन इसके संबंध में नियमों के बारे में जानना जरूरी है। आइए जानें -

DU Backlog Rules: हर साल लाखों छात्र कक्षा 12वीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में पढ़ने का सपना देखते हुए यहां आते हैं। डीयू में पढ़ाई कर रहे छात्रों में बैक को लेकर बहुत डर होता है, जिसमें डिग्री रद्द होने से लेकर करियर पर असर पड़ना शामिल होता है। लेकिन बता दें कि डीयू में कोर्स की पढ़ाई के दौरान बैक (Back) या बैकलॉग (Backlog) लगना आम बात है, लेकिन इसको लेकर नियम और शर्तें काफी सख्त हैं। अगर कोई छात्र किसी विषय की परीक्षा में फेल हो जाता है या अनुपस्थित रहता है, तो उसे उस विषय को पास करने के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय अपने छात्रों को डिग्री पूरी करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा दी जाती है, जिसके भीतर ही सभी बैकलॉग परीक्षाओं को पास करना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि डीयू में बैकलॉग से जुड़े नियम क्या हैं और परीक्षा पास करने के लिए कितना समय मिलता है।

DU में बैकलॉग का क्या है नियम

DU में बैकलॉग का क्या है नियम (Photo - AI)

डीयू में बैकलॉग या ईआर क्या है?

दिल्ली विश्वविद्यालय में जब कोई छात्र किसी विषय में न्यूनतम पासिंग मार्क्स प्राप्त नहीं कर पाता या परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता, तो उसकी मार्कशीट पर ER (Essential Repeat) लिखा आता है। इसका सीधा मतलब यह है कि छात्र को उस विषय के पेपर दोबारा देना होगा। डीयू में किसी विषय में बैक लगने पर छात्र को अगली कक्षा में प्रमोट तो कर दिया जाता है, लेकिन डिग्री प्राप्त करने के लिए उस बैक वाले पेपर को क्लियर करना जरूरी होता है।

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