DU Fees Refund Rule: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में हर साल लाखों छात्र यूजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। कई बार एडमिशन मिलने के बाद छात्रों को किसी अन्य पसंदीदा कॉलेज, यूनिवर्सिटी या बेहतर कोर्स में सीट मिल जाती है, जिसके कारण वे डीयू से अपना दाखिला वापस लेना चाहते हैं। ऐसे समय में छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल फीस रिफंड के नियम को लेकर होता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन कैंसिलेशन और फीस रिफंड को लेकर पारदर्शी नियम बनाए हैं। आइए विस्तार में जानते हैं कि डीयू के रिफंड रूल्स क्या हैं और निर्धारित समय-सीमा के भीतर एडमिशन कैंसिल कराने पर कितनी फीस वापस मिलती है।
DU में दाखिला वापस लेने पर क्या है रिफंड का नियम (Photo - AI)
31 अगस्त तक एडमिशन विदड्रॉ करने पर फीस रिफंड का नियम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों और दिल्ली विश्वविद्यालय की फीस रिफंड पॉलिसी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिला रद्द कराने की समय-सीमा के आधार पर रिफंड तय किया जाता है। दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। 31 अगस्त तक दाखिले की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। ऐसे में यदि कोई छात्र 31 अगस्त तक या उससे पहले एडमिशन वापस लेता है उसे फीस का पूरा रिफंड किया जाएगा।
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31 अगस्त के बाद एडमिशन कैंसिल कराने पर रिफंड के नियम
यदि छात्र 31 अगस्त की तय समय-सीमा बीतने के बाद अपना दाखिला वापस लेता है, तो UGC के तय स्लैब के अनुसार फीस में कटौती की जाती है।
| एडमिशन की अंतिम तिथि से 15 दिन पहले तक | 100% फीस वापस |
| अंतिम तिथि के 30 दिन के भीतर | कुल फीस का 50% रिफंड मिलता है। |
| अंतिम तिथि के 15 दिन बाद | फीस वापस नहीं होती है |
उम्मीदवारों को बता दें कि UGC की गाइडलाइंस के तहत, 31 अगस्त तक एडमिशन विदड्रॉ करने पर विश्वविद्यालय केवल एक नाममात्र प्रशासनिक/प्रोसेसिंग शुल्क (अधिकतम ₹1,000) ही काट सकता है। बाकी की पूरी राशि छात्र के खाते में वापस ट्रांसफर कर दी जाती है।
एडमिशन विदड्रॉ करने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने दाखिला रद्द कराने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन है।
- छात्र को सबसे पहले डीयू के CSAS पोर्टल पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करने होंगे।
- डैशबोर्ड पर जाकर एडमिशन विदड्रॉ/कैंसिलेशन विकल्प पर क्लिक करें।
- एडमिशन रद्द करने के लिए निर्धारित ऑनलाइन विड्रॉल फीस (यदि लागू हो) का भुगतान करें।
- यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर दर्ज बैंक बैंक अकाउंट डिटेल्स सही हैं, क्योंकि रिफंड की राशि उसी खाते में क्रेडिट की जाएगी।
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एडमिशन रद्द करते हुए इन बातों पर दें खास ध्यान
यदि एडमिशन काफी देर से रद्द कराया जाता है, तब भी विश्वविद्यालय द्वारा ली गई सिक्योरिटी मनी या कॉशन मनी पूरी तरह से वापस की जाती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिफंड की राशि आने में आमतौर पर 30 से 60 दिनों का समय लग सकता है, इसलिए छात्रों को थोड़ा धैर्य रखना होगा।
डीयू के दूसरे कॉलेज में अपग्रेड कैंसिल माना जाएगा?
यदि छात्र डीयू के ही एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में सीट अपग्रेड करता है, तो यह 'एडमिशन कैंसिलेशन' नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में पहले कॉलेज की फीस अपने आप नए कॉलेज की फीस में एडजस्ट हो जाती है। इसलिए उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
