Uttar Pradesh Foundation Day 2026: इस साल उत्तर प्रदेश 76 साल का हो गया है। 24 जनवरी को हर साल उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाता है। ये केवल एक राज्य नहीं है। आर्य वंश से लेकर मौर्य वंश और मुगल काल से लेकर ब्रिटिश काल जैसे न जाने कितनी कहानियों को अपने में समेटे हुए यह राज्य आज भी वैसे का वैसे ही खड़ा है। उत्तर प्रदेश की गलियां-चौराहे भी इतिहास की कई कहानी कहते हैं। यूपी केवल एक राज्य नहीं है, बल्कि संस्कृति और परंपरा का खजाना है। 75 जिलों से मिलकर बने इस राज्य के हर शहर/जिले की अपनी एक अलग परंपरा है। त्योहारों के दौरान यूपी की रंगत देखने लायक होती। आइए यूपी के 76 स्थापना दिवस पर आपको राज्य के बारे में विस्तार से बताएं। आइए जानते हैं राज्य के इतिहास के बारे में।
यूनाइटेड प्रॉविंस से उत्तर प्रेदश का सफर
उत्तर प्रदेश का इतिहास?
उत्तर प्रदेश का इतिहास केवल इसकी स्थापना के दिन से नहीं गिना जा सकता है। इस क्षेत्र का इतिहास वैदिक काल से जुड़ा हुआ है। बता दें कि इस क्षेत्र पर सबसे पहले आर्यों का कब्जा था। यह वही समय था, जब महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों की रचना की गई थी। आर्य वंश के बाद यहां नंद राजवंश और मौर्य वंश जैसे राजाओं ने शासन किया, जिसके बाद मुगलों की एंट्री हुई। लंबे शासन काल के बाद मुगलों का पतन हुआ और अंग्रेजों का राज शुरू हुआ। उसके बाद ब्रिटिश हुकूमत में इस क्षेत्र का गठन यूनाइटेड प्रॉविंस नाम से 1937 में किया गया।
यूनाइटेड प्रॉविंस से उत्तर प्रेदश का सफर
यूनाइटेड प्रॉविंस से उत्तर प्रदेश तक का सफर
एक समय बाद, जब देश में स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत ही तो यूनाइटेड प्रॉविंस क्षेत्र के लोगों ने इसमें अहम भूमिका निभाई। आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 में भारत के गवर्नर जनरल ने इस क्षेत्र का नाम यूनाइटेड प्रॉविंस से बदलने के लिए यूनाइटेड प्रॉविंस आवेदन 1950 पारित किया, जिसके बाद इस क्षेत्र की स्थापना उत्तर प्रदेश नाम से हुई।
बता दें कि शुरुआत में यूनाइटेड प्रॉविंस बंगाल प्रांत के अधीन था। एक राज्य के गठन की जरूरत पड़ने पर आगरा सूबे का गठन हुआ। जनवरी 1858 में इलाहाबाद (प्रयागराज) में अवध और उत्तरी पश्चिमी प्रांत का गठन किया गया था। इस तरह से आगरा से शासन की शक्ति इलाहाबाद पहुंची। इतना ही नहीं, आगरा में स्थित हाईकोर्ट भी 1968 में इलाहाबाद स्थानांतरित किया गया।
यूनाइटेड प्रॉविंस से उत्तर प्रेदश का सफर
उत्तर प्रदेश का पहला स्थापना दिवस कब मनाया गया?
24 जनवरी 1950 में आदेश पारित करते हुए यूनाइटेड प्रॉविंस को उत्तर प्रदेश का नाम दिया गया और इस तरह से उत्तर प्रदेश की स्थापना 24 जनवरी को हुई। लेकिन उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुरुआत उस दौरान नहीं की गई थी। यूपी स्थापना दिवस की शुरुआत 2017 में हुई, जब यूपी में बीजेपी की सरकार आई और उस समय के तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी के सामने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाने की बात की। इसके बाद पहला उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 24 जनवरी 2018 को मनाया गया। उसके बाद से ही हर साल स्थापना दिवस और भव्य रूप से मनाया जाता है।
उत्तर प्रदेश का प्राचीन नाम क्या था?
ब्रिटिश काल में उत्तर भारत को अजमेर और जयपुर के साथ मिलाकर एक राज्य बनाया गया, जिसे नॉर्थ प्रॉविंस कहा गया। बाद में जयपुर और अजमेर को अलग किया गया और इसका नाम बदलकर इसे नॉर्थ वेस्टर्न प्रॉविंसेज ऑफ आगरा एंड अवध किया गया। इसके बाद 1902 में इस क्षेत्र का नाम एक बार फिर बदला गया और इसे यूनाइटेड प्रॉविंसेज ऑफ आगरा एंड अवध किया गया, जो अब उत्तर प्रदेश के नाम से जाना जाता है।
यूनाइटेड प्रॉविंस से उत्तर प्रेदश का सफर
उत्तर प्रदेश में 76वीं वर्षगांठ कैसे मनाई जाएगी?
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026 को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जानकारी दी कि इस साल स्थापना दिवस केवल 24 जनवरी को नहीं बल्कि 24 से 26 जनवरी तक मनाया जाएगा। राज्य के स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाएगा। जबकि अलग-अलग जनपद में भी जिला स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026 की थीम क्या है?
इस साल उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026 को एक विशेष थीम के साथ मनाया जा रहा है। इस साल कार्यक्रम की थीम 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश' रखी गई है। स्थापना दिवस पर जनपद स्तर पर यूपी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकास यात्रा की प्रदर्शनी होगी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का प्रचार करने के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे। 'एक जनपद-एक उत्पादन' योजना के तहत शिल्पकारों के उत्पादों की प्रदर्शनी होगी। जीआई टैग प्राप्त ओडीओपी उत्पादों का ट्रेड शो होगा और एक जनपद-एक व्यंजन के तहत फूड स्टॉल होंगे।
