UP Teacher Bharti 2026 : उत्तर प्रदेश में लाखों युवा शिक्षक बनने का सपना देखते हैं। हर साल वे दिन-रात तैयारी करते हैं कि किसी तरह एग्जाम पास हो जाए। अब ऐसे ही 20-25 लाख अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने यूपी में शिक्षकों के खाली पदों को लेकर बड़ा बयान दिया है और बताया कि राज्य में शिक्षकों की भर्ती होगी या फिर नहीं। और होगी तो कब? भर्ती से जुड़े सभी जवाबों के जवाब मंत्री ने लिखित में दिए हैं। ऐसे में चलिये जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए इस भर्ती से जुड़ा क्या अपडेट सामने आया है।
UP Teacher Bharti
शिक्षकों की भर्ती का बड़ा अपडेट
बताते चलें कि साल 2022 के बाद TET पास अभ्यर्थियों के लिए नई भर्ती लाने की खबरें चल रही थीं। आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में हर साल सवा दो लाख बीएड और दो लाख अभ्यर्थी BTC पास करते हैं। ऐसे में ये सभी छात्र शिक्षक बनने का सपना देखते हुए भर्ती का इंतजार करते हैं। अब ऐसे ही लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।
उत्तर प्रदेश में खाली हैं शिक्षकों के इतने पद
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक के 46,944 पद खाली हैं। अब इन खाली पदों को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से सपा विधायक अनिल प्रधान ने जवाब मांगा था कि क्या सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती करेगी? ऐसे में संदीप सिंह ने कहा कि सरकार 2022 के बाद टीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती के नए पदों को सृजित करने का कोई विचार नहीं करेगी। परिषदीय स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक और शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
क्या बोले शिक्षा मंत्री ?
शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सदन में कहा कि विभाग में शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। इससे शिक्षक छात्र अनुपात बना हुआ है। सरकार ने हाल ही में शिक्षामित्रों के लिए 5 लाख कैशलेस चिकित्सा सुविधा और मनचाही जगहों पर तबादले की व्यवस्था भी लागू की है। उन्होंने पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी जरूरी करने के कोर्ट के फैसले पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर चुकी है ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।
शिक्षा मंत्री से पूछा गया था ये सवाल
बताते चलें कि विधानसभा में मंगलवार को सपा विधायक अनिल प्रधान ने शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि मैंने जब भी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा उठाया है, हर बार अनुपात-समानुपात बराबर होने की बात कही गई। राज्य में 20 से 25 लाख युवा डीएलएड पास करके भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। यहां भर्ती ना निकलने की वजह से वे दूसरे राज्यों में परीक्षा देने जा रहे हैं।
अनिल प्रधान ने शिक्षा मंत्री से सवाल करते हुए कहा कि जो टीचर टीईटी पास नहीं हैं, उनके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है। जबकि हमारे यहां काफी सारे पुराने शिक्षक हैं। क्या इस विषय पर सरकार अध्यापकों को राहत दिलाने का काम करेगी या फिर नहीं। अतिरिक्त पदों पर भर्ती होगी या फिर नहीं ?
प्रदेश में कब हुई थी आखिरी भर्ती?
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2019 में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती कराई थी। इसमें से 5886 अभ्यर्थियों को कोर्ट के आदेश पर 2022 में नियुक्त किया जा चुका है। इसके बाद से लेकर अभी तक कोई टीचर भर्ती यहां पर नहीं आई है। फिलहाल 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
