Ramdhari Singh Dinkar Jayanti 2025: रामधारी सिंह दिनकर की 5 कविताएं, छात्रों को होनी चाहिए जरूर याद

23 सितंबर साल 1908 को जन्मे रामधारी सिंह दिनकर ने ऐसी-ऐसी रचनाएं लिखी हैं, जिन्होंने छात्रों को जोश से भरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में बात करते हैं उनकी कविताओं के बारे में, जो छात्रों और किसी एग्जाम की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित कर देगी। दिनकर को अपनी सभी कृतियों में सबसे ज्यादा मुश्किल जिस कृति में हुई, वो थी उर्वशी।

Ramdhari Singh Dinkar: रामधारी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के वे कवि हैं, जिन्होंने अपनी कविता के जरिये देशभक्ति, वीरता और नैतिकता का संदेश देने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। रामधारी सिंह दिनकर हमेशा से ही हिंदी साहित्य के जाने-माने कवि कहलाते रहे हैं। 23 सितंबर साल 1908 को जन्मे रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं का सफर साल 1953 में शुरू हुआ था और फिर दिल्ली, कश्मीर और रांची होते हुए आखिरकार 1961 में जाकर पूरा हुआ। उनकी कविताओं की एक-एक पंक्तियां अपने आप में जोश से भर देने का दम रखती हैं। आइये जानते हैं उनकी प्रसिद्ध कविताओं के बारे में, जो छात्रों को प्रेरित करती हैं।

Ramdhari Singh Dinkar

Ramdhari Singh Dinkar (Instagram/Twitter)

रामधारी सिंह दिनकर की कई सारी रचनाएं बेहद शानदार हैं और छात्रों के लिए प्रेरणादाई हैं। उनकी कृति की लाइनें 'कोरा किताबी ज्ञान मनुष्य को कभी धोखा भी दे सकता है, किंतु संघर्षों से निकली हुई शिक्षा कभी भी झूठी नहीं होती।' बेहद मशहूर है। नीचे उनकी लिखी कुछ प्रमुख कविताएं हैं, जो छात्रों को प्रेरणा देती हैं।

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