राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अपनी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाने के लिए एक बड़ा तकनीकी सुधार करने का फैसला लिया है। आयोग के इंटरनल ऑडिट में सामने आईं कमियों को दूर करने के लिए एक रोडमैप तैयार किए गया, जिसके अनुसार अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Evaluation) की मदद ली जाएगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य कॉपियों की जांच में मानवीय भूलों की गुंजाइश को खत्म करना और मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज व निष्पक्ष बनाना है। पारंपरिक प्रणाली के साथ AI का यह तकनीकी सहयोग प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करेगा।
RPSC कॉपियों की जांच में करेगा AI का इस्तेमाल (Photo - AI)
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें -JAC Board Compartment Exam 2026: झारखंड बोर्ड ने जारी किया कंपार्टमेंट व इम्प्रूवमेंट परीक्षा का शेड्यूल, जानें एडमिट कार्ड व गाइडलाइंस
AI से होगा कॉपियों का मूल्यांकन
AI आधारित यह नई प्रणाली उत्तर पुस्तिकाओं में लिखे गए उत्तरों को तकनीकी रूप से पढ़ने और उनको एनालाइज करने में सक्षम होगी। इससे न केवल मूल्यांकन कार्य में तेजी आएगी, बल्कि गड़बड़ियों की आशंका भी न्यूनतम हो जाएगी। हालांकि, शुरुआत में इसे किन परीक्षाओं में लागू किया जाएगा और इसकी अंतिम रूपरेखा क्या होगी, इस पर आयोग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें -CAT 2026: कैट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी है यह दस्तावेज, यहां देखें पूरी लिस्ट
इंटरनल ऑडिट से मजबूत होगी पूरी परीक्षा व्यवस्था
आरपीएससी केवल उत्तर पुस्तिकाओं की जांच तक सीमित न रहकर परीक्षा प्रक्रिया के सभी चरणों को फुलप्रूफ बनाने में जुटा है। जी हां, पारदर्शिता और जन-विश्वास और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक और सुरक्षा प्रोटोकॉल को अपडेट किया जा रहा है। कॉपियों की जांच में पारंपरिक इंसानी प्रक्रिया के साथ AI तकनीक का बैकअप जोड़ा जाएगा, ताकि परिणाम पूरी निष्पक्षता से तैयार हों। आयोग का मानना है परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लाखों अभ्यर्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करेगा।
