Railway DRM And GM Which Post Is Higher: भारतीय रेलवे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यह देश के सबसे सस्ते यातायात साधन में से भी एक है। यहां रोजाना लाखों की संख्या में लोग सफर करते हैं। इसके संचालन के लिए अलग-अलग स्तरों पर अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। यहां डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) और जनरल मैनेजर (GM) दो बेहद महत्वपूर्ण पद होते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि रेलवे में जीएम और डीआरएम में कौन सा पद बड़ा होता है और किसे ज्यादाअधिकार और सुविधाएं मिलती हैं। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।
रेलवे में DRM या GM कौन सा पद बड़ा होता है
DRM And GM In Railway: रेलवे के DRM और GM में क्या अंतर होता है
बता दें रेलवे में जीएम यानी जनरल मैनेजर का पद डिविजनल रेलवे मैनेजर से बड़ा होता है। प्रत्येक रेलवे जोन का प्रमुख जनरल मैनेजर होता है, जबकि एक जोन के अंतर्गत आने वाले हर रेल मंडल का प्रमुख DRM होता है। डीआरएम का कार्य अपने मंडल का कार्य संभालना होता है। वहीं जनरल मैनेजर पूरे जोन की निगरानी करता है। डिविजनल रेलवे मैनेजर अपने मंडल में ट्रेनों के संचालन, यात्रियों की सुविधाओं, सुरक्षा, स्टेशन प्रबंधन, कर्मचारियों के कार्य और रेलवे परियोजनाओं की निगरानी करता है। वहीं जनरल मैनेजर बड़े विकास कार्यों की निगरानी, बजट और नीतियों को लागू करवाने का कार्य करता है तथा रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार पूरे जोन का संचालन सुनिश्चित करता है।
GM या DRM किसे मिलती हैं ज्यादा सुविधाएं
रेलवे में जनरल मैनेजर यानी जीएम आमतौर पर लेवल 16 (HAG) के अधिकारी होते हैं, जबकि DRM लेवल 14 या लेवल 15 के अधिकारी होते हैं। जीएम को सरकारी आवास, आधिकारिक वाहन, स्टाफ, चिकित्सा सुविधा, यात्रा सुविधा और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कहा जाता है कि इन सुविधाओं का स्तर कई मामलों में एक आईएएस ऑफिसर के समान माना जाता है।
How To Become Railway DRM Or GM: कैसे बनते हैं रेलवे में डीआरएम या जीएम
बता दें रेलवे में जीएम या डीआरएम के पदों पर डायरेक्ट भर्ती नहीं की जाती है। यहां भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS), भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS), भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) और भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवाओं के अधिकारियों की अनुभव के आधार पर नियुक्ति की जाती है।
