NEET UG परीक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी, अब पेन-पेपर नहीं, कंप्यूटर पर हो सकता है टेस्ट

NEET UG पेपर को लीक प्रूफ बनाने के लिए एनटीए पेन-पेपर मोड से हटकर अब CBT मोड की तरफ अपना रुख किया जा सकता है। बस इस संबंध में हेल्थ मिनिस्ट्री से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG परीक्षा एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और सुरक्षा संबंधी विवादों के चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) सवालों के घेरे में है कि हाई सिक्योरिटी के बाद पेपर लीक कैसे हो गया। इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। इन सवालों के बीच एनटीए नीट यूजी परीक्षा लीक प्रूफ बनाने की तैयारी में जुट गया है। बता दें कि नीट यूजी परीक्षा का आयोजन पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड में किया जाता था। लेकिन अब इससे हटकर कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में शिफ्ट करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

NEET UG

NEET UG परीक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी (Photo- AI)

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?

NEET परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना एनटीए के साथ सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। 2024 में पेपर लीक के बाद 2026 में एक बार फिर नीट यूजी पेपर लीक की घटना से देशभर में आक्रोश देखने को मिला। इसके बाद इसरो के पूर्व प्रमुख आर. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई। समिति ने सिफारिश की है कि डिजिटल परीक्षा यानी CBT मोड अपनाने से पेपर लीक के जोखिम को लगभग खत्म किया जा सकता है। डिजिटल फॉर्मेट में पेपर सीधे परीक्षा के समय ही सिस्टम पर लोड होता है, जिससे इसके बाहर आने की गुंजाइश कम हो जाती है और ऐसे में इसे लीक प्रूफ बनाया जा सकता है।

End of Feed