Periodic Table: कक्षा 10 की केमिस्ट्री की पाठ्यपुस्तकों से पीरियोडिक टेबल (Periodic Table) को कथित रूप से हटाने पर व्यापक आलोचना के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने अब एक स्पष्टीकरण जारी किया है। एनसीईआरटी (NCERT) ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि विषय को पाठ्यक्रम से हटाया नहीं गया है, बल्कि छात्रों पर दबाव कम करने के लिए इसे कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया गया है। एनसीईआरटी ने ट्वीट (Tweet) कर कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने एनसीईआरटी की किताब से पीरियोडिक टेबल को हटाने की खबर दी। ये दावे भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। महामारी के दौरान छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सामग्री के भार को कम करने के लिए पाठ्यपुस्तकों का युक्तिकरण एक आवश्यकता-आधारित अभ्यास था।
Periodic Table: NCERT ने मामले पर ट्वीट कर दी सफाई।
स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं हटाया गया पीरियोडिक टेबल- NCERT
वहीं अपने दूसरे ट्वीट में एनसीईआरटी ने कहा कि पीरियोडिक टेबल को स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं हटाया गया है, लेकिन वास्तव में कक्षा 11वीं की पाठ्यपुस्तक की इकाई 3 - "तत्वों का वर्गीकरण और गुणों में आवधिकता" (पृष्ठ 74-99) में बहुत विस्तार से उपलब्ध है। एवोल्यूशन पर एक पूरा अध्याय है [अध्याय 6 - "एवोल्यूशन", कक्षा 12वीं एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 110-126] जो एवोल्यूशन की अवधारणा और चार्ल्स डार्विन के विकास के सिद्धांत को बहुत विस्तार से बताता है।बता दें पीरियोडिक टेबल को केमिस्ट्री में सबसे कठिन माना जाता था, इसे याद करना काफी मुश्किल होता है। वहीं शिक्षकों का कहना है कि, पीरियोडिक टेबल केमिस्ट्री का आधार है, ये तत्वों की एक व्यवस्थित समझ प्रदान करता है। हाल ही में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 10वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों से पीरियोडिक टेबल के साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान, लोकतंत्र की चुनौतियों और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन के अध्यायों को हटा दिया है।
एनसीईआरटी ने विशेषज्ञ सिफारिशों के आधार पर पाठ्यक्रम को ‘‘युक्तिसंगत’’ बनाने की कवायद के हिस्से के रूप में पिछले साल इन बदलावों की घोषणा की। अब नये शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों में बदलावों को लागू किया गया है।
