NEET UG Result 2026: नीट यूजी का रिजल्ट जारी हो चुका है। महाराष्ट्र के बीड जिले के कुछ छात्रों ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम के नतीजे आने के बाद अपने स्कोरकार्ड पर दिखाए गए फाइनल स्कोर और ऑफिशियल आंसर की से कैलकुलेट किए गए अनुमानित अंकों के बीच अंतर होने का आरोप लगाया है। अचानक आए इस अंतर से परेशान, प्रभावित छात्रों के माता-पिता अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अंकों में इस गड़बड़ी ने उनके बच्चों का भविष्य खतरे में डाल दिया है।
नीट यूजी स्कोरकार्ड और आंसर की के अंकों में बड़ा अंतर छात्रों का आरोप
बता दें यह मामला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून को आयोजित री एग्जाम के नतीजे घोषित करने के बाद सामने आया है। पेपर लीक के बड़े पैमाने पर आरोपों के बीच, पहले 3 मई को हुई परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
आंसर की से स्कोर कार्ड के अंकों में अंतर
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सोहम गावटे नाम के एक स्थानीय छात्र के माता पिता ने दावा किया कि उसे NTA की ऑफिशियल आंसर की के आधार पर 522 अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उसके स्कोरकार्ड में सिर्फ 95 अंक दिखाए गए। छात्र के पिता नितिन गावटे ने कहा, इस अप्रत्याशित नतीजे से वह बहुत परेशान है, इसलिए परिवार को प्रोफेशनल काउंसलिंग लेनी पड़ रही है। मेरे बेटे ने दिन-रात पढ़ाई की थी। अगर गलती ठीक नहीं की गई, तो हम कोर्ट जाएंगे। वडवानी की एक और उम्मीदवार ज्ञानेश्वरी पवार ने आरोप लगाया कि एनटीए द्वारा उसकी डिटेल्स के साथ अपलोड की गई OMR शीट उसकी नहीं थी।
माता पिता ने एनटीए से की तुरंत जांच की मांग
ऑफिशियल आंसर की के आधार पर अपने कैलकुलेशन से उसे 720 में से 702 अंक मिलने की उम्मीद थी, जिससे वह टॉप नेशनल रैंकर्स में शामिल हो सकती थी। हालांकि, उसके ऑफिशियल स्कोरकार्ड में सिर्फ 87 अंक दिखाए गए। उसके पिता अनिलकुमार पवार का कहना है कि परिवार के पास अभी भी वह ओरिजिनल क्वेश्चन पेपर है जिसे उसने हल किया था, जिससे साबित होता है कि अपलोड की गई OMR शीट गलत थी। उन्होंने दावा किया, उसके साथ अन्याय हुआ है।
ऐसे अभ्यर्थियों के माता पिता ने NTA से तुरंत जांच की मांग की है। उन्होंने कथित गड़बड़ियों की जांच करने और जहां भी गलतियां पाई जाएं, वहां संशोधित स्कोरकार्ड जारी करने की मांग की है।
इनपुट पीटीआई
