NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह ने नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा संपन्न होने के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने परीक्षा के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, भविष्य के बदलावों और नतीजों को लेकर एजेंसी का रुख साफ किया है। महानिदेशक के अनुसार, सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसके साथ ही एनटीए डीजी ने बिहार के लखीसराय से परीक्षा में नकल की खबरों पर भी बात की।
NEET UG 2026 (Photo - AI)
नीट यूजी परीक्षा में नकल करते पकड़े गए मामले
21 जून को हुई नीट यूजी री-एग्जाम के दौरान सामने आई गड़बड़ियों पर बात एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बात करते हुए कहा कि बिहार के लखीसराय सहित कुछ अन्य जगहों से धोखाधड़ी के छिटपुट मामले सामने आए थे। कुछ छात्र परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तो वहीं कुछ लोग किसी अन्य की जगह परीक्षा देने (सब्सीट्यूशन) की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि एनटीए की बहु-स्तरीय सुरक्षा परतों—जैसे सघन तलाशी, सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन—के कारण परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को समय रहते पकड़ लिया गया। इसके अलावा, अबू धाबी सेंटर से जुड़े एक विवादित मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार ने खुद ही अपना सेंटर बदला था और अंतिम समय पर (19 जून को) इसकी शिकायत किए जाने वाले कारणों के पीछे की जांच की जानी चाहिए।
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अगले साल से पूरी तरह CBT हो सकती है परीक्षा
एनटीए के डीजी ने एक न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए एक बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित करने के लिए गठित हाई-लेवल कमेटी की सिफारिश को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि, "हम बहुत जल्द अगले साल की परीक्षा के लिए पूरी जांच-पड़ताल शुरू करेंगे। सभी स्टेकहोल्डर्स से विस्तृत बातचीत करने के बाद प्लान को फाइनल किया जाएगा, जिसके तहत आगामी नीट परीक्षा CBT मोड में संपन्न कराई जाएगी।" एनटीए के डीजी से जब नतीजों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ किया कि मूल्यांकन टीमें तेजी से काम कर रही हैं और परिणाम जितनी जल्दी हो सके घोषित किए जाएंगे, ताकि आगे एडमिशन की प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके।
फर्जी वीडियो और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर डीजी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जो कोई भी गलत जानकारी फैलाता हुआ या धोखाधड़ी के इरादे से फर्जी वीडियो और पोस्ट शेयर करता हुआ पकड़ा गया। उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के सभी मामलों पर एजेंसी की पैनी नजर है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामले में शामिल कई लोगों की रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। छात्रों के मानसिक तनाव को देखते हुए और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर उन्होंने बताया कहा कि 'इस बार सुरक्षा इतनी पुख्ता थी कि पेपर लीक होने की कोई संभावना नहीं है।'
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परीक्षा में शामिल हुए 20 लाख से अधिक छात्र
बता दें कि नीट यूजी री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या पर जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या 20 लाख से अधिक है। कुछ मामलों में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सफल न होने पर छात्रों से अंडरटेकिंग लिया जाता है, जिससे अंतिम संख्या में कुछ सौ का अंतर आ सकता है। सटीक आंकड़ों की जानकारी सभी सेंटर्स की अंतिम रिपोर्ट आने पर साझा किया जाएगा।
