How to score 600 plus marks in NEET, how to reduce exam stress: 21 जून को देशभर में भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी आयोजित की जाएगी। 3 मई को आयोजित हुई यह परीक्षा 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। अब 22 लाख 80 हजार छात्र इस री एग्जाम की तैयारी में जुटे हैं। आज आपको बताएंगे कि नीट में 600 से ज्यादा नंबर लाने के लिए क्या करें और लास्ट मूमेंट पर एग्जाम स्ट्रेस कैसे कम करें। देश में हर साल लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए NEET परीक्षा में शामिल होते हैं। लेकिन सीमित सीटों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण अधिकांश छात्रों के मन में एक ही सवाल रहता है—NEET में 600+ अंक कैसे लाएं?
NEET UG Re exam : 600 + नंबर लाने का फॉर्मूला
बता दें कि NEET में 600+ अंक हासिल करने का कोई शॉर्टकट नहीं है। नियमित अध्ययन, मजबूत कॉन्सेप्ट, निरंतर अभ्यास, सही समय प्रबंधन और सकारात्मक मानसिकता ही सफलता की असली कुंजी हैं। 20 वर्षों से IIT, NEET और बोर्ड परीक्षा के छात्रों को कोचिंग दे रहे अमित दीक्षित (M-tech, IIT-DELHI/GATE- AIR 1) ने नीट परीक्षा को लेकर कुछ टिप्स बताए हैं। यदि छात्र इन बातों का ध्यान रखें तो न केवल उनका स्कोर बेहतर हो सकता है, बल्कि वे परीक्षा के तनाव को भी प्रभावी ढंग से कम कर सकते हैं।
NCERT की किताबों को अच्छे से समझें
NEET में 600 से अधिक अंक प्राप्त करने के लिए सबसे पहले NCERT की किताबों पर मजबूत पकड़ बनाना जरूरी है। खासकर बायोलॉजी और केमिस्ट्री के अधिकांश प्रश्न सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से NCERT से पूछे जाते हैं। छात्रों को हर टॉपिक का नियमित रूप से रिवीजन भी करना चाहिए।
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पढ़ाई, रिवीजन, टेस्ट प्रैक्टिस बराबर
NEET की तैयारी में समय प्रबंधन भी बेहद अहम भूमिका निभाता है। छात्रों को ऐसा टाइम टेबल बनाना चाहिए जिसमें पढ़ाई, रिवीजन, टेस्ट प्रैक्टिस और आराम सभी के लिए पर्याप्त समय हो। लगातार कई घंटों तक पढ़ने के बजाय छोटे-छोटे अंतराल लेकर अध्ययन करना अधिक प्रभावी माना जाता है।
मॉक टेस्ट की मदद लें
तीसरा महत्वपूर्ण कदम है मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास। इससे परीक्षा पैटर्न समझने, समय प्रबंधन सुधारने और कमजोर विषयों की पहचान करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अभ्यर्थियों को सप्ताह में कम से कम एक फुल-लेंथ टेस्ट अवश्य देना चाहिए।
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कैसे दूर करें परीक्षा का तनाव
परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आता है। कई छात्र अच्छे स्तर की तैयारी के बावजूद एग्जाम स्ट्रेस के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते। अभिभावक छात्रों पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करें और सकारात्मक माहौल देने का प्रयास करें।
7 से 8 घंटे नींद जरूरी
तनाव कम करने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की नींद दिमाग को तरोताजा रखती है और याददाश्त बेहतर बनाती है। इसके अलावा नियमित व्यायाम, योग और ध्यान भी मानसिक शांति प्रदान करते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छात्र सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने और दूसरों से अपनी तैयारी की तुलना करने से बचें।
