CBSE करिकुलम में शामिल हुई मैथिली भाषा, बिहार के उपमुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक कदम, मिथिलांचल के लिए गर्व का क्षण

CBSE ने सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर के करिकुलम में मैथिली भाषा को शामिल किया है। NEP 2020 के तहत लिए गए इस निर्णय की सराहना करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे मिथिला का भाषाई गौरव बताया।

मिथिलांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भाषाई गौरव के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक (सेकेंडरी) स्तर के करिकुलम में मैथिली भाषा को एक विषय के रूप में शामिल करने का बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सीबीएसई के इस महत्वपूर्ण निर्णय का बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य नेताओं ने खुले दिल से स्वागत किया है।

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CBSE करिकुलम में शामिल हुई मैथिली भाषा (Photo - AI)

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री का आधिकारिक पत्र

इस फैसले की पृष्ठभूमि केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को लिखे गए एक आधिकारिक पत्र (19 मई 2026) से स्पष्ट होती है। पत्र के अनुसार, डॉ. गोपाल जी ठाकुर द्वारा शिक्षा मंत्री को सीबीएसई के पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को शामिल करने के संबंध में एक अनुरोध पत्र भेजा गया था। इस अनुरोध पत्र पर शिक्षा मंत्रालय ने सकारात्मक कदम उठाया और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के करिकुलम में शामिल किया।

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