NTA guideline for wearing religious symbols in neet ug re exam: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG के री-एग्जाम की तैयारी पूरी हो चुकी है। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा में करीब 22 लाख 80 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। इस परीक्षा के आयोजन के लिए कुल 551 शहरों में 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले 3 मई 2026 को यह परीक्षा आयोजित की गई थी लेकिन पेपर लीक की घटनाओं के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया था।
नीट यूजी री एग्जाम गाइडलाइन
इस बार सरकार और NTA के सामने केवल परीक्षा कराने की चुनौती नहीं है, बल्कि छात्रों और उनके पैरेंट्स के भरोसे को जीतने की भी चुनौती है। यही वजह है कि सुरक्षा और निगरानी के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जो पहले कभी देखने को नहीं मिले। सबसे पहले बात करते हैं सुरक्षा व्यवस्था की। NEET री-एग्जाम के लिए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत बनाई है। देश के इतिहास में पहली बार कोई परीक्षा इतने व्यापक इंतजामों के साथ होने जा रही है। सुरक्षा के लिए देशभर में लगभग 5 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। 674 सिटी कोऑर्डिनेटर, हजारों सेंटर सुपरिंटेंडेंट, इनविजिलेटर और करीब 6,600 ऑब्जर्वर परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इनका काम यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो।
परीक्षा केंद्रों को एक हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। सभी परीक्षा केंद्र मेटल डिटेक्टर और CCTV कैमरों से लैस होंगे। इन कैमरों की लाइव मॉनीटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। एंट्री से पहले अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट और चेहरे का मिलान भी किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक संचार को नियंत्रित करने के लिए जैमर भी लगाए गए हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं।
सबसे खास बात है कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली गई है। प्रश्न पत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए C-17 परिवहन विमान और Mi-17 हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर CAPF, CRPF, CISF और स्थानीय पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है। यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO की ओर से भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
NTA का कहना है कि 21 जून को होने वाली री-एग्जाम के लिए सभी छात्रों को नया एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा। 3 मई की परीक्षा का एडमिट कार्ड इस बार मान्य नहीं होगा। इसलिए यदि आपने अभी तक नया एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, तो तुरंत आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर लें।
हिजाब और कलावा को लेकर नियम
नीट यूजी री एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को अपना एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ रखना होगा। इसके अलावा पारदर्शी पानी की बोतल और पारदर्शी प्लास्टिक पाउच ले जाने की अनुमति है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है, इसलिए दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए पारदर्शी पाउच जरूरी है। धार्मिक कारणों से हिजाब, पगड़ी, कलावा और ताबीज जैसे प्रतीकों की अनुमति है, लेकिन ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। इसलिए उन्हें समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
प्रतिबंधित चीजें
वहीं प्रतिबंधित चीजों की बात करें तो नीट यूजी री एग्जाम में परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा नोट्स, किताबें, कागज, पर्स, भारी आभूषण, धातु की वस्तुएं और बड़े बेल्ट बकल जैसी चीजें भी नहीं ले जाई जा सकतीं हैं। ड्रेस कोड को लेकर भी NTA ने निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को हल्के रंग के और हाफ स्लीव वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। फुल स्लीव या गर्म कपड़े पहनने पर अतिरिक्त जांच की जा सकती है। पैरों में चप्पल या कम हील वाले साधारण फुटवियर पहनने की सलाह दी गई है।
रिपोर्टिंग टाइम
नीट यूजी री एग्जाम दोपहर 2 बजे शुरू होगा। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। दोपहर 1:30 बजे के बाद परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों को सलाह है कि अपने परीक्षा केंद्र की लोकेशन एक दिन पहले ही देख लें। गूगल मैप के भरोसे ना रहें।
बता दें कि इस बार सरकार और NTA का पूरा फोकस एक निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा कराने पर है। पेपर लीक के बाद पैदा हुए अविश्वास को दूर करने के लिए सुरक्षा, निगरानी और तकनीकी व्यवस्थाओं को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत किया गया है। सरकार इस परीक्षा को एक मिशन की तरह ले रही है। शिक्षा मंत्रालय के साथ साथ रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, रेलवे सहित सभी राज्य सरकारें एक मिशन की तरह इस परीक्षा के आयोजन में जुटी हैं। अब जिम्मेदारी छात्रों की है कि वे सभी दिशानिर्देशों का पालन करें, समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
