Does one or two year gap affect job opportunities: कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई छात्र किसी न किसी कारण से करियर में गैप ले लेते हैं। कोई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, कोई उच्च शिक्षा की योजना बनाता है, तो कुछ छात्र व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से नौकरी की तलाश शुरू नहीं कर पाते। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या एक-दो साल का गैप नौकरी मिलने में परेशानी बन सकता है? यदि आपने गैप के दौरान कोई स्किल सीखी, ऑनलाइन कोर्स किया, इंटर्नशिप की या किसी परीक्षा की तैयारी की, तो यह आपके प्रोफाइल को मजबूत बना सकता है।
करियर में गैप
हालांकि, यदि गैप का कोई स्पष्ट कारण नहीं है और उम्मीदवार इंटरव्यू में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता है, तो संस्थान सवाल जरूर करते हैं। इसलिए अपने करियर गैप को छिपाने की बजाय ईमानदारी से बताना बेहतर माना जाता है। कंपनियां अब उम्मीदवार के कौशल, अनुभव और सीखने की क्षमता को अधिक महत्व देती हैं। करियर विशेषज्ञों के अनुसार, आज के समय में सिर्फ गैप होना समस्या नहीं है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि उस दौरान आपने क्या किया।
करियर काउंसिलर और कोच श्याम सुंदर पाठक बताते हैं कि अगर आपके करियर में गैप रहा है तो रिज्यूमे में उस अवधि का उल्लेख सकारात्मक तरीके से करें। उदाहरण के लिए, यदि आपने किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की, कोई प्रमाणपत्र हासिल किया या फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स पर काम किया, तो उसे जरूर शामिल करें। इससे भर्ती करने वाली कंपनी या HR को पता चलता है कि आपने उस समय का उपयोग कैसे किया है।
करियर में गैप
अमित दीक्षित (M-tech, IIT-DELHI/GATE- AIR 1) का कहना है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में स्किल्स, आत्मविश्वास और सही तैयारी किसी भी गैप से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। जरूरी यह है कि आप उस समय का उपयोग सीखने और खुद को विकसित करने में करें तथा इंटरव्यू में अपने गैप का स्पष्ट और सकारात्मक जवाब देने के लिए तैयार रहें। इसलिए यदि आपकी पढ़ाई पूरी होने के बाद एक-दो साल का अंतर आ गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि एक-दो साल का गैप नौकरी पाने की राह में बड़ी रुकावट नहीं है। सही कौशल, मजबूत प्रोफाइल और आत्मविश्वास के साथ आप अच्छे करियर अवसर हासिल कर सकते हैं। एक या दो साल का गैप अक्सर बड़ी बाधा नहीं बनता। वहीं कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में अनुभव और निरंतरता को महत्व दिया जाता है, इसलिए वहां गैप को लेकर अधिक सवाल पूछे जा सकते हैं। आईटी, डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, डिजाइनिंग और कई अन्य क्षेत्रों में कंपनियां उम्मीदवार की वर्तमान क्षमता को ज्यादा महत्व देती हैं।
