K Annamalai Education Qualification: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले के अन्नामलाई इन दिनों चर्चा में हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी और भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। के अन्नामलाई का जन्म 4 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम कुप्पुसामी अन्नामलाई है। अन्नामलाई की कहानी सिर्फ एक नेता की कहानी नहीं है। यह उस युवक की कहानी है जिसने गांव की मिट्टी से निकलकर इंजीनियरिंग की, IIM तक पहुंचा, UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की, ईमानदार IPS अधिकारी बना और फिर सार्वजनिक जीवन में नई भूमिका निभाई। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े अन्नामलाई ने बचपन से ही शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। परिवार आर्थिक रूप से बहुत समृद्ध नहीं था, लेकिन माता-पिता ने उन्हें पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित किया। किसान परिवार के बेटे का यह सफर बताता है कि मजबूत इरादे, शिक्षा और मेहनत किसी भी व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उनकी जिंदगी की कहानी संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल है।
अन्नामलाई की चर्चा क्यों हो रही है
बीजेपी ने तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। दो जून को अन्नामलाई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पांच पन्ने का इस्तीफा सौंपा था। दिल्ली दौरे में वह बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष और गृह मंत्री से भी मुलाकात की थी। अपने इस्तीफे में उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के भीतर साइड लाइन करने का मुद्दा उठाया था।
इंजीनियरिंग से IIM तक
अन्नामलाई इंजीनियर हैं। उन्होंने कोयंबटूर के प्रतिष्ठित PSG College of Technology से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में से एक, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उनके पास एमबीए की डिग्री है। दो अलग अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके अन्नामलाई ने पढ़ाई के दौरान ही यह तय कर लिया था कि उन्हें देश सेवा के क्षेत्र में जाना है। इसके लिए उन्होंने सिविल सेवा को माध्यम बनाया।
UPSC में शानदार सफलता
साल 2011 में अन्नामलाई ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की। ऑल इंडिया 244 वीं रैंक हासिल कर वह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुए। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। एक छोटे से गांव के किसान परिवार के बेटे का देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता पाना लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया।
के. अन्नामलाई का सफर
‘सिंघम’ IPS के नाम से मिली पहचान
आईपीएस अधिकारी के रूप में अन्नामलाई ने कर्नाटक के उडुपी, चिकमगलूर और बेंगलुरु जैसे क्षेत्रों में सेवा दी। उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की रही जो सत्ता से अधिक जनता के हित को प्राथमिकता देता था। ईमानदार और सख्त पुलिसिंग के कारण लोग उन्हें “सिंघम” कहने लगे। अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई ने उन्हें आम लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया।
परिवार के लिए छोड़ी नौकरी
कई मंचों पर उन्होंने बताया कि वे परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते थे और समाज के लिए व्यापक स्तर पर काम करना चाहते थे। इसलिए लगभग आठ वर्षों तक पुलिस सेवा में रहने के बाद उन्होंने 2019 में आईपीएस पद से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत से वह मुकाम हासिल किया था, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं।
अन्नामलाई का इस्तीफा
राजनीति में नई पारी
2019 : अन्नामलाई ने आईपीएस की नौकरी से इस्तीफा दिया और 2020 में भाजपा में शामिल हुए और देखते ही देखते तमिलनाडु में पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए। उन्होंने राज्य की राजनीति में भाजपा को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया और दक्षिण भारत में पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। उनकी तेजतर्रार शैली, साफ छवि और प्रशासनिक अनुभव ने युवाओं को आकर्षित किया। 2021 में उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार मिली। फिर 2024 में लोकसभा चुनाव लड़े और इसमें भी हार का सामना हुआ। 05 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अब उनकी आगे की राह क्या होगा, इसका जवाब जल्द मिलने की उम्मीद है।
