JNU UG Admission 2026: देश की सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में से एक, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से ग्रेजुएशन करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा खबर है। जेएनयू ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने विभिन्न अंडरग्रेजुएट (UG) और सर्टिफिकेट ऑफ प्रोफिसिएंसी (COP) प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 12वीं के बाद जो छात्र इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना चाहते हैं, वह जेएनयू की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए छात्रों के पास केवल 22 जुलाई 2026 तक का समय है।
JNU UG Admission 2026 (Photo - AI)
बिना इंटरव्य के होगा एडमिशन
छात्रों के लिए इस साल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि बीए ऑनर्स, बीएससी ऑनर्स या सीओपी कोर्सेज में एडमिशन के लिए उन्हें कोई भी मौखिक परीक्षा या इंटरव्यू में हिस्सा लेने की आवश्यकता नहीं है। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से 'कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट' (CUET UG 2026) में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसी स्कोर से तैयार मेरिट लिस्ट के जरिए सीधे एडमिशन मिलेगा। जेएनयू में सीटें बेहद सीमित होती हैं, इसलिए मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है। बता दें कि अगर आप इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले हैं तो उसके लिए चयन जेईई मेन के अंकों के आधार पर और जोसा काउंसलिंग के आधार पर होगा।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - MDSU Admission 2026: महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए आवेदन की डेडलाइन आगे बढ़ी, इस दिन से शुरू होगी काउंसलिंग
जेएनयू द्वारा ऑफर किए जा रहे प्रमुख और अनूठे कोर्सेज
यूनिवर्सिटी मुख्य रूप से अपने 'स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज' और 'स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज' के माध्यम से कोर्सेज का संचालन करती है, जिसमें छात्र हर साल एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं। आइए आपको उन कोर्स के बारे में बताएं।
| बीए ऑनर्स | विभिन्न विदेशी भाषाओं में तीन साल की डिग्री |
| बीएससी ऑनर्स | आयुर्वेद बायोलॉजी जैसे आधुनिक और रोजगारपरक विषय में स्नातक का मौका |
| सीओपी (COP) | विभिन्न भाषाओं और विषयों में शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्सेज |
आवेदन के लिए एलिजिबिलिटी
बीए, बीएससी ऑनर्स और सीओपी कोर्स में प्रवेश के लिए छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 45% अंकों के साथ 12वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। जो छात्र इस वर्ष 12वीं की परीक्षा दे चुके हैं या अपने अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं।
रिजर्वेशन नियम के आधार पर मिलेगी छूट
जेएनयू में सीटों का आवंटन पूरी तरह से केंद्र सरकार के आरक्षण नियमों के तहत की जाती है। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के छात्रों के लिए सीटें रिजर्व की गई है, जो इस प्रकार है -
| अनुसूचित जाति (SC) | 15% सीटें |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 7.5% सीटें |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC - नॉन क्रीमीलेयर) | 27% सीटें |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | 10% सीटें |
| दिव्यांगजन (PwD) | न्यूनतम 5% सीटें आरक्षित |
क्या है जेएनयू की टाई-ब्रेकिंग नियम
जेएनयू में एडमिशन के दौरान यदि दो या दो से अधिक छात्रों के सीयूईटी अंक बिल्कुल बराबर हो जाते हैं, तो जेएनयू निम्नलिखित नियमों के आधार पर सीट अलॉट करता है। इस नियम के बारे में छात्रों का जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि यह जेएनयू का टाई-ब्रेकिंग नियम है।
- सबसे पहले छात्रों के 12वीं कक्षा के अंकों को देखा जाएगा।
- यदि 12वीं के अंक भी समान निकले, तो सीयूईटी (या बीटेक के लिए जेईई मेन) का स्कोर चेक किया जाएगा।
- इसके बाद भी फैसला न होने पर 10वीं कक्षा के नंबरों को आधार बनाया जाएगा।
विशेष नियम: जिन छात्रों का क्वालीफाइंग एग्जाम का रिजल्ट (मार्कशीट) पहले से आ चुका है, उन्हें रिजल्ट का इंतजार कर रहे (Awaiting) छात्रों के मुकाबले प्राथमिकता दी जाएगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - MTET Admit Card 2026 Released: मेघालय टीईटी परीक्षा का एडमि कार्ड, megeducation.gov.in पर करें डाउनलोड, देखें एग्जाम पैटर्न
छात्रों के लिए कुछ खास और जरूरी बातें
यदि आप जेएनयू में प्रवेश के लिए आवेदन करने जा रहे हैं, तो आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की जरूरी है, जो काउंसलिंग के समय आपके काम आ सकती हैं। इन बातों का रखें खास ध्यान -
डिप्टीशन पॉइंट्स: जेएनयू की एक अनूठी नीति है जिसके तहत देश के पिछड़े इलाकों से आने वाले छात्रों और महिला उम्मीदवारों को अतिरिक्त 'डिप्टीशन पॉइंट्स' दिए जाते हैं। फॉर्म भरते समय अपने जिले की जानकारी बिल्कुल सही भरें, ताकि मेरिट लिस्ट में आपको इसका लाभ मिल सके।
स्कैन कॉपियों का सही फॉर्मेट: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अपना श्रेणी प्रमाण पत्र केंद्र सरकार के फॉर्मेट के अनुसार ही अपलोड करें। राज्य सरकार द्वारा जारी सर्टिफिकेट कई बार मान्य नहीं होते, जिससे एडमिशन के दौरान आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
सटीक प्राथमिकता: चॉइस फिलिंग के दौरान कोर्सेज की प्राथमिकता बहुत सोच-समझकर भरें। पहली प्राथमिकता में उसी कोर्स को रखें जिसमें आप सचमुच पढ़ाई करना चाहते हैं, क्योंकि मेरिट के आधार पर पहली पसंद मिलने के बाद निचले विकल्पों पर विचार नहीं किया जाता है।
