Success Story, IAS Chandrajyoti singh Success Story: हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा...बशीर बद्र साहब की ये पंक्ति साल 2019 बैच की आईएएस ऑफिसर चंद्रज्योति सिंह पर सटीक (Success Story) बैठती है। संघ लोक सेवा आयोग कि सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की चौथी सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इसके लिए हर साल हजारों लाखों की संख्या में एस्पिरेंट्स परीक्षा में शामिल (IAS Success Story In Hindi) होते हैं। हालांकि चयन कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों का होता है। इस परीक्षा को क्वालीफाई करने के लिए लोग सालों पहले से कोचिंग लेना शुरू कर देते हैं।
Success Story: बिना कोचिंग के पहले अटेम्प्ट में क्रैक किया यूपीएससी
लेकिन यहां हम आपको एक ऐसे आईएएस ऑफिसर के बारे में बताएंगे, जिसने महज 22 वर्ष की उम्र में बिना कोचिंग के पहले अटेम्प्ट में ही यूपीएससी की परीक्षा क्वालीफाई कर अपना झंडा बुलंद कर दिया था। इतना ही नहीं 28वीं रैंक भी हासिल की थी। जी हां यहां हम आईएएस चंद्रज्योति की बात कर रहे हैं। आईएएस चंद्रज्योति ज्यादा चर्चित तो नहीं हैं, लेकिन इनके सफलता की कहानी किसी चर्चा के विषय से कम भी नहीं है।
