नेत्रदान का लिया संकल्प, निराश्रित जीवों की बनीं सहारा, जानें कौन हैं 'मेरी बेटी मेरी कुलदीपक' अभियान चलाने वालीं IAS अस्मिता लाल

IAS Asmita Lal Motivational Inspirational story: आईएएस अस्मिता लाल का नाम उन अधिकारियों के रूप में जाना जाता है जिन्होंने अपनी मुहिम से समाज में व्यापक एवं सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगाई है। उन्होंने बागपत में निराश्रित जीवों को जीवन देने के लिए टायर शेल्टर बनाने की मुहिम चलाई। डीएम अस्मिता लाल ने 'हर मौसम, हर घर: एक पक्षी घर' मुहिम शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य है कि हर नागरिक अपने घर, आंगन, छत या बगीचे में एक पक्षी घर स्थापित करे, ताकि पक्षियों को साल भर एक सुरक्षित आश्रय मिल सके। उन्होंने हाल ही में मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प लेकर मिसाल पेश की है।

IAS Asmita Lal Motivational Inspirational story: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने अनोखी मिसाल पेश की है जिसकी खूब प्रशंसा हो रही है। डीएम अस्मिता लाल ने बिना किसी औपचारिकता के अपने नेत्रदान करने का संकल्प भर दिया है। वे ऐसी पहली आईएएस अधिकारी होंगी, जिन्होंने यह संकल्प लिया है। अस्मिता लाल की गिनती उत्तर प्रदेश के तेज तर्रार युवा अधिकारियों में होती है। उनकी सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायक है।

IAS Asmita lal Motivational Story

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जब निराश्रित जीवों की बनीं सहारा

आईएएस अस्मिता लाल का नाम उन अधिकारियों के रूप में जाना जाता है जिन्होंने अपनी मुहिम से समाज में व्यापक एवं सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगाई है। उन्होंने बागपत में निराश्रित जीवों को जीवन देने के लिए टायर शेल्टर बनाने की मुहिम चलाई। डीएम अस्मिता लाल ने 'हर मौसम, हर घर: एक पक्षी घर' मुहिम शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य है कि हर नागरिक अपने घर, आंगन, छत या बगीचे में एक पक्षी घर स्थापित करे, ताकि पक्षियों को साल भर एक सुरक्षित आश्रय मिल सके। उन्होंने प्लास्टिक ड्रम और टायरों से बेजुबानों के लिए आश्रय घर बनवाए।

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