How to become Army Doctor : भारत में कई सारे युवा हैं जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। इसके लिए छात्र-छात्राएं काफी मेहनत भी करते हैं। आमतौर पर डॉक्टर्स बनने के बारे में युवाओं को पता होता है मगर क्या आप जानते हैं कि आर्मी में डॉक्टर कैसे बनते हैं। अगर आपका भी सपना है इंडियन आर्मी में डॉक्टर बनने का तो चलिये बताते हैं कि कैसे आर्मी में डॉक्टर बना जाता है। आर्मी में डॉक्टर्स की भी रैंक होती है। ठीक ऐसे ही जैसे ऑफिसर्स की होती है। साथ ही इन अफसरों कोरिटायरमेंट बेनिफिट, फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी समेत कई मेडिकल सुविधाएं भी मिलती हैं।
How to become Army Doctor
सेना में डॉक्टर बनने के लिए क्या करें ?
आमतौर पर डॉक्टर बनने के लिए 12वीं के बाद युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई करनी होती है। (How to become doctor in Army) इसके लिए NEET पास करना जरूरी होता है। यही एंट्रेंस परीक्षा होती है। फिर MBBS और BDS जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है। वहीं अगर आपका सपना सेना में डॉक्टर बनने का है तो उन्हें नीट एग्जाम क्लीयर कर AFMC में एडमिशन लेना होता है। ये भारतीय सेना में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों का कॉलेज है। जिसका पूरा नाम है- Armed Force Medical College. नीट एग्जाम में मिले नंबर्स के आधार पर ही इस कॉलेज में एडमिशन मिलता है।
कितना होता है AFMC का कटऑफ ?
AFMC के कटऑफ की बात करें तो ये हमेशा एक सा नहीं रहता है। नीट में अच्छे नंबर्स लाने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट पास करना होता है।
टॉलरेंस टेस्ट में उम्मीदवार का मेंटल और फिजिकल स्टेमिना चेक होता है। इंटरव्यू में कैंडिडेट की कम्यूनिकेशन स्किल्स को भी देखा जाता है। AFMC में हर साल 150 छात्रों को एडमिशन मिलता है। इसमें 115 सीटें लड़कों और 30 सीटें लड़कियों के लिए रिजर्व होती हैं। वहीं 5 सीटें विदेशी छात्रों के लिए होती हैं। AFMC में पढ़ाई करने पर फ्री मेडिकल एजुकेशन, शानदार सैलरी और सीधे सेना में अधिकारी बनने का मौका मिलता है।
