UPSC Free Coaching: यूपीएससी एग्जाम की महंगी कोचिंग फीस की वजह से कई युवा इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे युवाओं को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, हरियाणा सीएम ने राज्य के कॉलेज में IAS और HCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कराने का निर्देश दिया है। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं (IAS, IPS, HCS, आदि) की तैयारी की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग
हरियाणा सीएम ने नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के साथ शनिवार को मीटिंग की। इस दौरान मौलिक शिक्षा, स्कूल शिक्षा और उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। मीटिंग में मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सभी स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए।
कॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सैनी ने उच्चतर शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हर कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सुविधाओं पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी तरह की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों की बिल्डिंग बन रही है, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण पूरा होने तक दूसरी बिल्डिंग में चल रही कक्षाओं में छात्रों को कोई समस्या न आए। मुख्यमंत्री ने बिल्डिंग पर सौर पैनल लगाए जाने का भी निर्देश दिया।
मॉडल संस्कृति स्कूलों की बढ़ाई जाए संख्या
मुख्यमंत्री सैनी ने ब्लॉक स्तर पर मॉडल संस्कृति स्कूलों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूलों व कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय की व्यवस्था व स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाने और संस्कृति की शिक्षा ज्ञान प्रदान करने के लिए कक्षा 8वीं तक गीता को सिलेबस में शामिल किया जाए।
बच्चों को किया जाए ट्रैक
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हर बच्चे को ट्रैक किया जाए कि वह 12वीं कक्षा के बाद किस संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। अगर कोई बच्चा राज्य से बाहर शिक्षा ग्रहण कर रहा है तो उसकी भी जानकारी रखी जाए, जिससे राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा के मूलभूत अधिकार से वंचित न रहे।
