How did NEET UG exam paper get leaked : यूजीसी नेट पेपर रद्द होने के बाद बवाल मच गया है। नीट परीक्षा पर हो रहे बवाल के बीच एनटीए की सुरक्षा पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा को ही रद्द करने का फैसला लिया है। ऐसे में जिन लाखों छात्रों ने परीक्षा दी थी, उनके लिए ये बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। इस बीच चलिये जानते हैं कि जहां पर नीट एग्जाम का पेपर रखते हैं, वहां की सिक्योरिटी कैसी होती है? क्या वहां पर कोई जा सकता है ?
NEET Paper
क्या है एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ) What is NTA ?
सबसे पहले बात करें एनटीए की तो ये भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक प्रमुख, स्वतंत्र और स्वायत्त परीक्षा संस्था है। इसकी स्थापना साल 2017 में हुई थी। ये नीट के अलावा जेईई मेन, CUET और UGC NET जैसी परीक्षाएं कराता है।
बताते चलें कि नीट परीक्षा का पेपर कैसे तैयार होता है, ये कहां पर रखा जाता है, इसकी जानकारी बेहद कम ही लोगों को होती है। ऐसा पेपर की सुरक्षा के लिए होता है। एनटीए जितनी भी परीक्षाओं को ऑनलाइन मोड में करवाता है, उन पेपर्स की जानकारी और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। इस बार नीट परीक्षा के मोड की बात करें तो ये ऑनलाइन कराया गया था। नीट परीक्षा के पेपर को हमेशा सील करके रखा जाता है। वहीं स्ट्रांग रूम की बात करें तो इसके बाहर हमेशा सिक्योरिटी रहती है। ऐसे में वहां पर कोई आसानी से नहीं जा सकता है।
स्ट्रांग रूम क्या होता है ?
पेपर्स की बात करें तो इन्हें कभी भी खुले में नहीं रखा जाता, बल्कि सील बंद रखा जाता है। स्ट्रांग रूम की बात करें तो ये आमतौर पर जिला प्रशासन या फिर परीक्षा केंद्र के सबसे सेफ हिस्से में बनाया जाता है। ये बेहद सुरक्षित कमरा होता है, जिसे स्ट्रांग रूम का नाम दिया जाता है। यहां पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है और हर गतिविधि को कैमरे में रिकॉर्ड किया जाता है। यहां पर पुलिस और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं ताकि कोई अन्य व्यक्ति अंदर ना जा सके। यहां का ताला भी सामान्य नहीं होता बल्कि इसे डबल लॉक सिस्टम या डिजिटल लॉक किया जाता है।
टाइट सिक्योरिटी वाला रूम
सुरक्षा प्रोसेस में केंद्र अधीक्षक, ऑब्जर्वर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होते हैं। कई बार स्ट्रांग रूम खोलने और बंद करने का पूरा वीडियो भी रिकॉर्ड होता है। इसके अलावा हर एक पैकेट पर एक यूनीक कोड और सील नंबर होता है ताकि कोई भी किसी तरह की छेड़छाड़ करे तो तुरंत पकड़ी जा सके।
हालांकि इतनी टाइट सिक्योरिटी के बावजूद भी नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसे मामले सामने आ जाते हैं, जो सीधे-सीधे एनटीए की पारदर्शिता पर सवाल खडे करते हैं। ऐसे मामलों में एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, लॉगबुक और डिजिटल रिकॉर्ड में मदद से जांच करती हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तकनीकऔर निगरानी को मजबूत बनाकर ही ऐसी परीक्षाओं को सुरक्षित बना सकते हैं।
क्या है मामला ?
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने मामले की गहन जांच शुरू कर की थी। शुरुआती जांच में ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले का केंद्र केरल और राजस्थान का सीकर जिला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहा राजस्थान के चूरू का एक छात्र 1 मई को एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ अपने सीकर स्थित दोस्त को व्हाट्सएप पर भेजता है। बताया जा रहा है कि यह दोस्त सीकर में एक पीजी (PG) संचालित करता है।
