खाड़ी देशों के CBSE छात्रों के लिए गुड न्यूज, 12वीं रिजल्‍ट पर सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में रहने वाले CBSE कक्षा 12 के छात्रों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। क्षेत्र में जारी संघर्ष और सुरक्षा कारणों से कई परीक्षाएं रद्द होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों के परिणाम अब तक जारी नहीं हो सके हैं। जानें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में रहने वाले CBSE कक्षा 12 के छात्रों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि वह पश्चिम एशिया के उन निजी CBSE कक्षा 12 छात्रों के लिए एक नीति तैयार कर रही है, जिनके परिणाम परीक्षा रद्द होने के कारण रोके गए हैं। सरकार के अनुसार इन छात्रों के हितों की रक्षा के लिए समाधान तलाशा जा रहा है। दरअसल, क्षेत्र में जारी संघर्ष और सुरक्षा कारणों से कई परीक्षाएं रद्द होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों के परिणाम अब तक जारी नहीं हो सके हैं। ऐसे छात्रों के रिजल्ट को CBSE ने "रिजल्ट लेटर (RL)" श्रेणी में रखा है, जिसके चलते उनके कॉलेज दाखिले और आगे की पढ़ाई पर अनिश्चितता बनी हुई है।

CBSE 12वीं रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

CBSE 12वीं रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि परिणाम लंबित रहने से छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। विश्वविद्यालयों में दाखिले, छात्रवृत्तियों और अन्य प्रवेश प्रक्रियाओं की समय-सीमा लगातार नजदीक आ रही है, ऐसे में जल्द फैसला आवश्यक है। छात्रों की ओर से मामले के शीघ्र और समयबद्ध समाधान की मांग की गई। गौरतलब है कि क्षेत्रीय तनाव के चलते CBSE ने बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कई बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। इसके बाद हजारों भारतीय छात्रों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि उनके अंतिम अंक और परिणाम किस आधार पर घोषित किए जाएंगे।

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