क्या खत्म हो जाएंगी 9-5 नौकरियां? नई पीढ़ी का नया मॉडल- 'माइक्रो शिफ्टिंग', जानें इसके बारे में

Micro Shifting Trend: आजकल काम करने का पारंपरिक तरीका बदलता जा रहा है और इस बीच एक टर्म युवाओं के बीच खूब पॉपुलर हो रहा है। ये टर्म है- माइक्रो शिफ्टिंग। इस लेख में आइये जानते हैं माइक्रोशिफ्टिंग क्या होती है और ये इजाद किसने किया। नई पीढ़ी द्वारा माइक्रो शिफ्टिंग का फॉर्मूला कितना अपनाया जा रहा है और इसके फायदे क्या-क्या हैं...

What is Micro Shifting: माइक्रो शिफ्टिंग.... ये एक ऐसा टर्म है, जो इन दिनों कॉर्पोरेट कल्चर में बड़ी तेजी से उभर रहा है। या यूं कहें अब लोगों की पसंद बनता जा रहा है। हर बदलती पीढ़ी के साथ-साथ कुछ न कुछ बदलता ही रहता है। इसी तरह ये माइक्रो शिफ्टिंग का कॉन्सेप्ट भी नई जनरेशन ही लेकर आई है, जिसने काम करने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। माइक्रो शिफ्टिंग जनरेशन जेड की बदौलत है, जो 1997 और 2012 के बीच पैदा हुए हैं और मिलेनियल्स और जनरेशन अल्फा के बीच में आते हैं। इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में बड़ी हुई ये पीढ़ी किसी भी तरह से वर्क लाइफ बैलेंस में कॉम्प्रोमाइज नहीं करना चाहती और इसी इच्छा से इजाद हुआ है माइक्रो शिफ्टिंग।

Micro shifting GenZ

Micro shifting GenZ (iStock)

माइक्रो शिफ्टिंग लाने वाली जनरेशन के बारे में तो आपको पता चल गया, मगर ये माइक्रोशिफ्टिंग क्या होती है। चलिये आपको बताते हैं...

End of Feed